नई दिल्ली। भगवान शिव जी (Bhagwan Shiv Ji) पर अभद्र टिप्पणी करने वाले डॉ नदीम अख्तर को अदालत ने जमानत (Dr Nadeem Akhtar Granted Bail) दे दी है। नदीम अख्तर को 53 दिन न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में रहने के बाद शनिवार को बनगढ कारागार (Bangarh Jail) से रिहा किया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भगवान शिव व शिवलिंग पर अभद्र टिप्पणी करने वाले आरोपित चिकित्सक को शनिवार को अतिरिक्त जिला सत्र एंव न्यायधीश (District Sessions and Judge) होशियार सिंह की अदालत में पेश किया गया। जहां पर माननीय अदालत ने आरोपित डा नदीम अखतर को सशर्त जमानत दे दी है।
डॉ नदीम अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की थी टिप्पणी
हिंदू पक्ष के वकील योगेश्वर पाठक व गौरव कौशल ने बताया कि पुलिस ने शनिवार को डॉ नदीम अख्तर को अदालत में पेश किया गया। जहां पर अदालत ने उसे बनगढ कारागार से जमानत पर रिहा करने के आदेश पारित किए। मैहतपुर में नेत्र चिकित्सक डॉ नदीम अख्तर ने हिंदुओं के आराध्य भगवान शिव जी व शिवलिंग पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तीन जून को आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। जिस पर हिंदू संगठन भड़क उठे और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरना प्रदर्शन के बाद शुरू हुई थी गिरफ्तारी की मांग
इस केस में मैहतपुर-बसदेहड़ा व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुभाष ऐरी ने मैहतपुर पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाकर आरोपित की गिरफ्तारी करने की मांग की। मुख्य शिकायतकर्ता एवं मैहतपुर-बसदेहड़ा व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुभाष ऐरी ने कहा कि समाज में नफरत तथा कट्टरवाद फैलाने का किसी भी मौका नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा व्यापार मंडल, हिंदू एकता मंच सहित अन्य धार्मिक संगठनों ने आरोपित डॉ नदीम अख्तर की गिरफ्तारी को लेकर मोर्चा खोल दिया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कोर्ट ने 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजने का सुनाया था फैसला
वहीं आरोपित डॉक्टर अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट चला गया। जहां पर 16 जून को अदालत ने उसे 26 जून तक अग्रिम जमानत दे दी। इसके बाद 26 जून को सुनवाई के दौरान अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। करीब एक माह के बाद माननीय अदालत ने 26 जुलाई को अहम फैसला सुनाते हुए आरोपित डॉक्टर नदीम अख्तर की जमानत रद्द करके आरोपित को पहले सात अगस्त और बाद में 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजने का निर्णय सुनाया था।
16 सिंतबर तक बढ़ा दी गई थी न्यायिक हिरासत
इसके बाद पुलिस ने डॉ नदीम अख्तर को 21 अगस्त को अदालत में पेश किया था, जहां पर आरोपित की न्यायिक हिरासत पहले 2 सितंबर और दुबार 16 सितंबर तक बढा दी थी। वहीं डॉ नदीम अख्तर ने जमानत के लिए अदालत में याचिका लगाई और इस याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया था।







