Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

पिछले छह सालों में तेजी से बढ़े रोजगार!

एनएसएसओ के आवर्ती श्रम बल सर्वेक्षण के आधार पर एसबीआइ की शोध टीम ने जारी की रिपोर्ट

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 15, 2023
in राष्ट्रीय, विशेष
A A
26
SHARES
865
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा


नई दिल्ली: देश में रोजगार के अवसरों को उपलब्धता या बेरोजगारी की स्थिति एक अहम मुद्दा है। ऐसे में हाल के वर्षों में सम-सामयिक आर्थिक हालात पर एक के बाद एक कई रिपोर्ट जारी करने वाली एसबीआइ की रिसर्च टीम ने देश में बेरोजगारी की स्थिति पर अपना आकलन मंगलवार को जारी किया। रिपोर्ट का लब्बोलुआब यह है कि कम से कम पिछले छह वित्त वर्षों में देश में रोजगार के अवसरों में काफी वृद्धि हुई है और बेरोजगारी कम हुई है। इसके लिए एसबीआइ की शोध टीम ने पिछले दिनों सरकारी एजेंसी एनएसएसओ की तरफ से आवर्ती श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) को आधार बनाया है और इसको अपने तरीके से समीक्षा की है।

इन्हें भी पढ़े

Supreme court

SC/ST आरक्षण में भी लागू हो क्रीमी लेयर, PIL में कैसी-कैसी दलील

January 12, 2026
india-china

CPEC पर बीजिंग का भारत को सीधा जवाब, कश्मीर पर पुराना रुख बरकरार

January 12, 2026
swami vivekananda

स्वामी विवेकानंद के विचार जो दिखाते हैं सफलता की राह, आज भी करते हैं युवाओं को प्रेरित

January 12, 2026
Grand Hindu conferences

हिन्दू समाज की एकता, संस्कृति और आत्मगौरव के लिए नोएडा में भव्य हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन

January 12, 2026
Load More

पीएलएफएस का कहना है कि वित्त वर्ष 2018 में बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2023 में घटकर 3.2 प्रतिशत हो गई है। कुछ अर्थशास्त्रियों ने रिपोर्ट पर सवाल भी उठाया है। उनका कहना है कि युवा वर्ग के बीच रोजगार की स्थिति और स्वरोजगार के बढ़ते अवसरों को देखकर लगता है कि इससे देश में संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम हुए हैं। इस पर एसबीआइ की रिपोर्ट कहती है कि इस तरह की आपत्तियां तथ्यात्मक नहीं है। पीएलएफएस की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2018 में कुल रोजगार में स्वरोजगार की हिस्सेदारी 52.2 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 57.3 प्रतिशत हो गई है।

एसबीआइ का इस बारे में कहना है कि अस्सी और नब्बे के दशक से ही यह देखा जा रहा है कि कुल रोजगार में स्वरोजगार की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से ज्यादा है। स्वरोजगार की हालिया वजह यह है कि वजह यह है कि पीएम मुद्रा योजना और पीएम स्वनिधि योजना से समाज के निचले तबके को स्वरोजगार करने का बड़ा मौका मिलने लगा है। खासतौर पर परिवार संचालित छोटे व मझोले उद्यमों का विस्तार हो रहा है और इसमें काम करने वाले घरेलू सहायकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

2022-23 में बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत रही, 2017-18 में यह 6.1 प्रतिशत थी। 52.2 प्रतिशत से बढ़कर 57.3 प्रतिशत हुई कुल रोजगार में स्वरोजगार की हिस्सेदारी।

तेजी से बदल रहा पढ़ाई और रोजगार के बीच पैटर्न

रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग में बेरोजगारी की दर पिछले तीन वर्षों के न्यूनतम स्तर 10 प्रतिशत पर है। हालांकि इस आंकड़े की भी कुछ अर्थविद यह कहकर आलोचना करते हैं कि इससे पता चलता है कि देश में रोजगार के अवसरों की कमी है और तभी काम करने की आयु में युवा बेरोजगार है। इस पर रिपोर्ट कहती है कि अब पढ़ाई व रोजगार के बीच पैटर्न तेजी से बदल रहा है। मिड-डे मील से छात्रों को शिक्षा के लिए लुभाने की योजना का असर दिख रहा है। छात्र 23-24 वर्ष तक शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इस वजह से 15 से 29 आयु वर्ग में बेरोजगारी की दर 10 प्रतिशत दिख रही है। जो युवा शिक्षा हासिल कर रहे हैं उन्हें श्रम-बल में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

केंद्र और राज्य की योजनाओं का दिख रहा असर

रिपोर्ट कहती है कि सरकार 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रही है, आयुष्मान भारत जैसी स्कीमें है जो स्वास्थ्य पर खर्च को वहन कर रही है। कई राज्यों की योजनाएं है जिससे लोगों को सहूलियत हो रही है। ऐसे में एक बड़े वर्ग की आय किसी पारिवारिक उद्यम में काम करने से बढ़ी है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Drama and Theater: Possibilities and Challenges

नाटक और रंगकर्म : संभावनाएं और चुनौतियां

February 2, 2022
modi cabinet 2024

50 हजार करोड़ का खर्च कर कई राज्यों को इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट देगी मोदी सरकार

August 4, 2024
REC

आरईसी लिमिटेड ने अत्याधुनिक एक्सपीरियंस सेंटर का किया उद्घाटन

March 10, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • SC/ST आरक्षण में भी लागू हो क्रीमी लेयर, PIL में कैसी-कैसी दलील
  • WPL में 3 दिन बिना दर्शकों के खेला जाएगा मैच? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान
  • CPEC पर बीजिंग का भारत को सीधा जवाब, कश्मीर पर पुराना रुख बरकरार

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.