नई दिल्ली : टीम इंडिया को सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी. वहां रोहित ब्रिगेड को पारी और 32 रनों से शर्मनाक हार मिली. भारतीय टीम ने इस टेस्ट मैच के तीसरे ही दिन (28 दिसंबर 2023) सरेंडर कर दिया. दो टेस्ट मैचों की सीरीज का यह पहला मुकाबला था. अब टीम इंडिया 3 जनवरी को केपटाउन में दूसरे टेस्ट मैच में खेलने उतरेगी.
अब तक तीन दशक से ज्यादा के इतिहास में भारतीय टीम साउथ अफ्रीका की धरती पर एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है. टीम इंडिया का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन टेस्ट मैच में 2010-2011 की सीरीज में आया था. तब तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर पर रही थी. महेंद्र सिंह धोनी उस दौरे पर टीम इंडिया के कप्तान थे.
इस सीरीज का पहला मैच साउथ अफ्रीकी टीम ने जीता था. 16-20 दिसंबर 2010 के बीच हुए पहले टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने पारी और 25 रनों से टीम इंडिया को हराया था. टीम इंडिया उस मैच में पहली पारी में 136 रनों पर आउट हो गई थी, फिर अफ्रीकी टीम ने पहली पारी में 620/4 का पहाड़नुमा स्कोर बनाकर घोषित किया था. इसके बाद दूसरी पारी में टीम इंडिया 459 रनों पर ऑलआउट हो गई.
फिर टीम इंडिया सीरीज का दूसरा मैच खेलने के लिए डरबन पहुंची. 26 दिसंबर (बॉक्सिंग डे) को दूसरा टेस्ट मैच शुरू हुआ. अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ ने टॉस जीता और टीम इंडिया को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया. टीम इंडिया पहली पारी में 205 रनों पर ऑलआउट हो गई. डेल स्टेन ने 6 विकेट झटके थे. जवाब में खेलने उतरी अफ्रीकी टीम 131 रनों पर सिमट गई. जहीर खान (3), ईशांत शर्मा (1), एस श्रीसंत (3), हरभजन सिंह (2) ने मिलकर अफ्रीकी टीम पर भारी पड़ गए.
इसके बाद अब बारी फिर से टीम इंडिया की दूसरी पारी में खेलने की थी, तब वीरेंद्र सहवाग (32) और मुरली विजय (9) ने 42 रनों की साझेदारी की. लेकिन इसके बाद टीम इंडिया के एक के बाद एक विकेट गिरने शुरू हो गए. लेकिन वीवीएस लक्ष्मण ने पहली पारी में 96 रन बनाए और टीम इंडिया की पारी 228 रनों पर समाप्त हुई.
अब साउथ अफ्रीका के सामने अब 303 रनों का टारगेट था. अफ्रीकी टीम की ओर से कप्तान ग्रीम स्मिथ (37) और एल्विरो प्रिंस (26) ने 12.1 ओवर्स में 63 रन बना दिए. टीम इंडिया की टेंशन मैच में बढ़ती जा रही थी. इस स्कोर पर पर श्रीसंत ने धोनी के हाथों कैच आउट करवाया. इसके बाद नियमित अंतराल पर अफ्रीकी टीम के विकेट गिरते रहे और टीम इंडिया ने अफ्रीकी टीम को 215 रनों पर ऑलआउट कर दिया. इस तरह टीम इंडिया ने यह मैच 87 रनों से जीता.
इस तरह तब टीम इंडिया ने तब सीरीज 1-1 से बराबर की थी. सीरीज का आखिरी मैच केपटाउन (2-6 जनवरी 2011) में हुआ, जो ड्रॉ पर छूटा. यानी करीब 13 साल बाद एक बार फिर से टीम इंडिया के पास यह सीरीज 1-1 से बराबर करने का मौका है. ऐसे में देखना होगा कि क्या रोहित शर्मा, तब के कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी के कारनामे की बराबरी कर पाते हैं या नहीं.
1992 में पहली बार टीम इंडिया ने अफ्रीका के खिलाफ अफ्रीका में खेला टेस्ट
1992 में टीम इंडिया ने पहली बार साउथ अफ्रीका की सरजमीं पर पहला टेस्ट मैच खेला. उस सीरीज में कुल 4 टेस्ट मैच खेले गए, 3 मैच ड्रॉ रहे, 1 मैच अफ्रीकी टीम ने जीता. सीरीज 1-0 से अफ्रीकी टीम के नाम रही. कुल मिलाकर तब से टीम इंडिया 8 बार साउथ अफ्रीका दौरा कर चुकी है. लेकिन कभी भी भी टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज फतेह करने का मौका नहीं मिला है.
टीम इंडिया के साउथ अफ्रीका दौरे पर टेस्ट रिकॉर्ड की बात की जाए तो पहली जीत दिसंबर 2006 में जोहानिसबर्ग में आई थी. 2010-11 में टीम इंडिया ने पहली बार अफ्रीका में जाकर 1-1 से सीरीज बराबर की, यानी टीम इंडिया का यही सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है. टीम इंडिया 8 बार साउथ अफ्रीका में जाकर टेस्ट सीरीज खेल चुकी है. लेकिन अब तक कोई भी सीरीज नहीं जीती है.
वहीं टीम इंडिया अपनी सरजमीं पर चार बार साउथ अफ्रीका से टेस्ट सीरीज जीती है. साउथ अफ्रीका एकमात्र बार भारत की सरजमीं पर टेस्ट सीरीज 1999-2000 में 2-0 से जीती थी.







