नई दिल्ली : भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दो टेस्ट मैच की सीरीज का आखिरी मुकाबला केपटाउन में तीन जनवरी से खेला जाना है। सीरीज का पहला मैच जीतकर मेजबान टीम ने 1-0 की बढ़त बनाई हुई है। भारत की नजरें दूसरे टेस्ट को अपने नाम सीरीज का अंत 1-1 की बराबरी पर करने पर होगा, वहीं साउथ अफ्रीका की नजरें टीम इंडिया का सूपड़ा साफ करने पर होगी। रोहित शर्मा एंड कंपनी के लिए क्लीन स्वीप से बचना किसी कठिन जंग से कम नहीं होगा। दरअसल, केपटाउन में टीम इंडिया का रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है, इस मैदान पर भारत आज तक एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाया है। केपटाउन में तिरंगा लहराने के लिए रोहित शर्मा को इतिहास रचना होगा।
1993 से लकर अब तक भारत ने केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर 6 टेस्ट मैच खेले हैं, इस दौरान टीम इंडिया को 4 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है, वहीं दो मैच ड्रॉ रहे हैं। भारत आज तक केपटाउन में जीत नहीं दर्ज कर पाया है। भारत आखिरी बार जनवरी 2022 में केपटाउन में खेलने उतरा था जब मेजबान टीम ने 7 विकेट से धूल चटाई थी।
बात इस मैदान पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की करें तो, मौजूदा स्क्वॉड से विराट कोहली ही एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जो टॉप-10 में मौजूद हैं। किंग कोहली के बल्ले से केपटाउन में 2 मुकाबलों में 35.25 की औसत के साथ 141 रन निकले हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर यहां पर 79 रनों का रहा है। केपटाउन में भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम है, उन्होंने 4 मैचों में यहां 489 रन बनाए थे।
वहीं केपटाउन में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले भारतीय गेंदबाजों की करें तो टॉप-10 में मौजूदा स्क्वॉड से जसप्रीत बुमराह ही शामिल हैं। बुमराह ने यहां खेले 2 मैचों में 10 विकेट चटकाए हैं वह लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं, वहीं अश्विन 2 मैचों में 3 विकेट के साथ 12वें नंबर पर हैं। इस लिस्ट के टॉप पर जवागल श्रीनाथ 12 विकटों के साथ मौजूद हैं।
इन आंकड़ों को देखने के बाद यह साफ होता है कि केपटाउन में टीम इंडिया को पहली जीत दिलाने का पूरा दारोमदार विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह के कंधों पर ही होगा।







