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Home विश्व

चीन के बहुत बुरे दिन आने वाले हैं?

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 17, 2024
in विश्व
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Xi Jinping
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नई दिल्ली: चीन ने साल 2023 में रिकॉर्ड संख्या में कम जन्म दर दर्ज की है और ये लगातार दूसरा साल है, जब उसकी जनसंख्या लगातार घट गई है, जिसने कम्युनिस्ट शासन को गहरी चिंता में डाल दिया है। जनसंख्या का लगातार कम होने का सीधा असर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर काफी मारक होने वाला है।

चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने बुधवार को घोषणा की है, कि देश में प्रति 1,000 लोगों पर 6.39 जन्म दर्ज किए गए हैं, जो एक साल पहले 6.77 से काफी कम है। 1949 में कम्युनिस्ट चीन की स्थापना के बाद से चीन में जन्म दर का घटना शुरू हो गया है। स्थिति ये है, कि चीन में पिछले साल जितने बच्चों का जन्म हुआ है, उससे ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

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चीन में घटते जन्म दर से बढ़ी चिंता

चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने कहा है, कि 2022 में 95 लाख 60 हजार शिशुओं की तुलना में साल 2023 में करीब 90 लाख 2 हजार शिशुओं का जन्म हुआ है। लिहाजा, 2023 में चीन की कुल जनसंख्या गिरकर 1 अरब 40 करोड़ 9 लाख हो गई है, जो साल 2022 के मुकाबले करीब 20 लाख कम है।

मैक्वेरी ग्रुप के मुख्य चीन अर्थशास्त्री लैरी हू ने कहा, कि “निश्चित रूप से, पिछले साल की तेज गिरावट आंशिक रूप से लॉकडाउन के कारण होनी चाहिए और बहुत संभावना है, कि साल 2024 में ज्यादा बच्चों का जन्म होगा।” ब्यूरो के रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2023 में चीन में मरने वाले लोगों की संख्या 2022 के मुकाबले दोगुनी हो गई और सालभर में कुल 690,000 लोगों की मौत हुई है।

चीन में जनसांख्यिकीय बदलाव ऐसे समय में आया है, जब इसका विकास दर तेजी से घट रहा है।

बच्चों जन्मों में गिरावट, देश में जन्म दर में गिरावट को दर्शाती है, जो चीन के लिए लंबे समय से चल रही आर्थिक और सामाजिक चुनौती है। देश की एक बड़ी आबादी लगातार बूढ़ी हो रही है, जो समय के साथ आर्थिक विकास को धीमा कर सकती है और कम श्रमिकों के साथ बड़ी बुजुर्ग आबादी को खाद्य और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की देश की क्षमता को चुनौती दे सकती है।

चीन में ये सातवां साल है, जब जन्मों की संख्या में गिरावट आई है।

चीन, जिसने कभी डंडों के बल में पूरे देश में ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ को लागू करके जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने की कोशिश की थी, वो अप विपरीत स्थिति का सामना कर रहे हैं। चीन का समाज ही अब ऐसा हो गया है, कि लोग खुद अब एक से ज्यादा बच्चे नहीं करना चाहते हैं।

कम्युनिस्ट शासन ने साल 2016 में अपनी ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ को आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया और उसके बाद से लोगों को ज्यादा बच्चों पैदा करने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन इसका कोई रिजल्ट नहीं मिल रहा है।

चीन का समाज अब ऐसा हो चुका है, कि लोग देर से शादी कर रहे हैं और ज्यादातर युवा, बच्चे पैदा न करने का विकल्प चुन रहे हैं। इसके अलावा, चीन में पिछले कुछ सालों से 35 साल की उम्र में भारी संख्या में लोगों को नौकरी से निकाला गया है, जिससे लोगों को अपना परिवार बढ़ाने से डर लगने लगा है। वहीं, चीन में लाखों ऐसे परिवार खत्म ही हो चुके हैं, जिन्हें ‘वन चाइल्ड पॉलिसी’ अपनानी पड़ी, लेकिन आगे जाकर किसी ना किसी वजह से उस बच्चे की मौत हो गई।

इसने भी चीन की समाज पर काफी नकारात्मक असर डाला है और लाखों ऐसे बूढ़े लोगों को बेसहारा कर दिया है, जिनके एक बच्चे का निधन हो चुका है, इसने भी समाज को काफी प्रभावित किया है।

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