Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

नीतीश कुमार ने ली नौवीं बार सीएम पद की शपथ, चुनाव से पहले बड़ा बदलाव

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
January 29, 2024
in राज्य, विशेष
A A
Nitish Kumar
19
SHARES
635
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा


पटना। बिहार की राजनीति ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देश को चौंका दिया है। देश की राजनीति को अक्सर राह दिखाने वाले बिहार में जो ताजा उलट-पलट हुई है, उसके तीन प्रमुख कारण हैं। पहला बड़ा कारण तो यही है कि जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अच्छा अनुभव नहीं कर रहे थे। उन्हें यह लग रहा था कि उन्होंने महाविपक्षी गठबंधन बनाने की पहल की, तमाम विपक्षी नेताओं के बीच उनका कद बड़ा है, तो इंडिया ब्लॉक में उन्हें एक अहम स्थान मिलेगा। पिछले साल जून के महीने महागठबंधन के लिए शुरुआत करने के बाद कई महीने उन्होंने इंतजार किया, पर उन्हें लगने लगा था कि विपक्षी गठबंधन में दूसरे नेताओं की तुलना में उन्हें बड़ी हैसियत हासिल नहीं हो रही है, उन्हें न प्रधानमंत्री के चेहरे के रूप में देखा जा रहा है और न संयोजक का पद दिया जा रहा है, तब वह बेचैन हो गए।

इन्हें भी पढ़े

Kejriwal and Sisodia

रिश्वत मांगने से पॉलिसी में बदलाव तक… दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया पर क्या थे आरोप?

February 27, 2026
Kejriwal and Sisodia

राउज़ एवेन्यू कोर्ट का फैसला: केजरीवाल और सिसोदिया आरोप मुक्त, सीबीआई जांच पर टिप्पणी

February 27, 2026
AAP MP exposes

आप सांसद ने पंजाब में रेत खनन घोटाले का किया खुलासा: भाजपा ने समयबद्ध CBI जांच की मांग की

February 24, 2026
CIL Director Vinay Ranjan

सीआईएल निदेशक विनय रंजन ने किया वेकोलि का दौरा

February 24, 2026
Load More

नीतीश “इंडिया” गठबंधन से अलग

वह मान रहे थे कि उनकी छवि चूंकि विपक्षी गठबंधन के बाकी नेताओं से अच्छी है, न भ्रष्टाचार का आरोप है, न परिवारवाद का दाग है, शासन में लगातार बने रहने का अनुभव भी है, तो उन्हें स्वाभाविक ही इंडिया ब्लॉक में आगे रखा जाएगा। वह मान रहे थे कि तमाम सियासी समीकरण उनके पक्ष में हैं, इसलिए इंडिया ब्लॉक उन्हें सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री पद के लिए आगे कर देगा, पर जब ऐसा होता नहीं दिखा, तब नीतीश कुमार ने अलग होने का फैसला कर लिया।

नीतीश को ममता बनर्जी पर शंका

दूसरी बात, उन्हें लगने लगा कि ममता बनर्जी साथ नहीं दिखाई पड़ती हैं और वह कांग्रेस से भी नाराज हैं। सीटों के बंटवारे में भी देरी हो रही। उन्हें जब लगने लगा कि इंडिया ब्लॉक बहुत मजबूती से नरेंद्र मोदी का मुकाबला नहीं कर सकेगा, तब उन्होंने जाने का फैसला लिया। कुल मिलाकर, उन्हें लग गया कि विपक्षी गठबंधन में रहने से अब उन्हें कोई फायदा नहीं होगा, तो वह भाजपा के साथ आ खड़े हुए। भाजपा के साथ रहने से एक बात की तो गारंटी है कि वह मुख्यमंत्री बने रहेंगे और केंद्र में भी भागीदारी मिल जाएगी।

भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर चर्चा

तीसरी बात, जिसका जिक्र नीतीश कुमार बीच- बीच में करते हैं, हालांकि, उसे मैं बहुत अहमियत नहीं देता। वह फिर एनडीए को आगामी लोकसभा चुनाव में बढ़त मिलेगी। दूसरी ओर, इंडिया ब्लॉक को अब बिहार में सीटों की तो ज्यादा उम्मीद नहीं होगी और मत प्रतिशत का भी नुकसान होगा। भ्रष्टाचार और परिवारवाद की चर्चा कर चुके हैं। वैसे भी, लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल पर इन आरोपों के बावजूद वह दो बार साथ खड़े हो चुके हैं। खैर, आने ‘वाले दिनों में यही कहा जाएगा कि इंडिया ब्लॉक में तवज्जो न मिलने की वजह से ही नीतीश कुमार ने गठबंधन बदला है।

महागठबंधन को नीतीश से बड़ा झटका

अब नीतीश कुमार ने जिस तरह से पाला बदला है, उससे दो-तीन चीजें स्पष्ट हो गई हैं। पहला, इंडिया ब्लॉक के लिए यह बड़ा झटका है, उसे न सिर्फ बिहार में, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर नुकसान हुआ है। अवधारणा के तौर पर भी और चुनावी गणित के तौर पर भी देखें, तो यह बड़ा झटका है। इसका एनडीए को बड़ा फायदा होता दिखता है, क्योंकि यदि हम 2019 के चुनाव को देखें, तो एनडीए ने 40 में 39 सीटें जीती थीं, तब नीतीश कुमार एनडीए के साथ थे। नीतीश कुमार अगर साथ नहीं आते, तो इस बार एनडीए को निश्चित रूप से नुकसान होता। भाजपा को पिछली बार 17 सीटें मिली थीं, इस बार वह इतनी ही सीटों पर जीतती दिख रही थी, पर नीतीश कुमार के साथ आने से निश्चित ही एनडीए को मजबूती मिली है। नीतीश कुमार की पार्टी एनडीए में भाजपा की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बन गई है। अब भाजपा को यह फायदा होता दिख रहा है कि कमंडल तो साथ था ही, अब मंडल भी साथ आ गया है। जिस प्रकार से अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम हुआ है, उससे भाजपा के पक्ष में माहौल बना हुआ है। जिस तरह से भाजपा ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के लिए भारत रत्न का ऐलान किया है और अब जब नीतीश कुमार साथ आ जाएंगे, तो भाजपा को ओबीसी वोटों का भी बहुत फायदा होगा।

पिछले चुनावों के मुताबिक

पिछले चुनावों को अगर देखें, तो लोअर ओबीसी का वोट काफी हद तक भाजपा की झोली में गया था। अब जब जद-यू और भाजपा साथ आ गए हैं, तो उनका मत प्रतिशत बढ़ेगा। एनडीए को आगामी लोकसभा चुनाव में बढ़त मिलेगी। अब भाजपा की अपनी सीटें बढ़ने की गुंजाइश भी बढ़ गई है।

दूसरी ओर, इंडिया ब्लॉक को अब बिहार में सीटों की तो ज्यादा उम्मीद नहीं होगी और मत प्रतिशत का भी नुकसान होगा। इंडिया ब्लॉक में राजद, कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां ही रह गई है। इसी तरह का गठबंधन यूपीए के में पिछले चुनाव में भी था, जिसका रूप प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था और इस बार भी वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है। जो नेता कप्तान बनता दिख रहा था, वही टीम छोड़कर चला गया। जो लोग इंडिया ब्लॉक से उम्मीद लगाए हुए थे, उनका मनोबल कम हो जाएगा। ध्यान रहे, हारती दिख रही टीम को जनता भी वोट देने से बचती है। उधर, ममता बनर्जी ने ऐलान कर ही दिया है कि अलग चुनाव लड़ेंगी। आम आदमी पार्टी ने भी इशारा कर दिया है कि पंजाब में सीटों का बंटवारा नहीं होगा, तब ऐसे इंडिया ब्लॉक से लोग कितनी उम्मीद लगाएंगे?

इंडिया ब्लॉक का बिहार में वोट प्रतिशत

हां, राजद अपना अधिकतम 28 या 30 वोटप्रतिशत बचाए रख सकती है, पर सीटों के नजरिए से उसे फायदा मुश्किल लगता है। हो सकता है, इंडिया ब्लॉक अब भी बिहार में 40 प्रतिशत तक वोट ले आए, पर एनडीए 50 से 60 प्रतिशत वोटों तक पहुंच सकता है। 37 प्रतिशत लोअर-ओबीसी है, अगर सवर्ण वोट को 13 प्रतिशत भी मान लें, तो 50 प्रतिशत हो जाता है। अपर-ओबीसी के भी अगर 8 प्रतिशत वोटों पर ध्यान दें, तो यह भी एनडीए को मिल सकता है। चिराग पासवान की पार्टी के साथ ही जीतन राम मांझी की पार्टी भी एनडीए के साथ है। बेशक, ज्यादातर जातियों के वोटों में नए सिरे से गोलबंदी हो सकती है, पर ज्यादा फायदा एनडीए को होगा। इंडिया ब्लॉक 35 प्रतिशत वोटों को लुभाने की कोशिश करेगा और एनडीए की निगाह 65 प्रतिशत वोटों पर होगी, अतः जब इंडिया ब्लॉक का आधार सिमट गया है, तब उसे बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। एनडीए बिहार में आगामी चुनाव में 50 प्रतिशत वोट के करीब दिखाई देने लगा है।

खैर, चुनावी समीक्षा जारी रहेगी। नीतीश कुमार तीसरी बार भाजपा के साथ आए हैं। जब वह राजद का साथ छोड़ दूसरी बार भाजपा के साथ आए थे, तब उसके पीछे ज्यादा मजबूत कारण थे, जिन्हें लोगों ने भी स्वीकार किया था, पर इस बार उनके बताए कारणों को लोग कैसे लेते हैं, यह देखने वाली बात होगी।


एनडीए को आगामी लोकसभा चुनाव में बढ़त मिलेगी। दूसरी ओर, इंडिया ब्लॉक को अब बिहार में सीटों की तो ज्यादा उम्मीद नहीं होगी और मत प्रतिशत का भी नुकसान होगा : प्रकाश मेहरा

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
PM Modi

पीएम मोदी को मिला ‘श्रीलंका मित्र विभूषण’ पुरस्कार, दुनियां में बढ़ी भारत की धाक!

April 5, 2025
एचएमटी

जिससे पूरा देश देखता था समय, अब वह बन गई इतिहास!

April 22, 2023
russia-ukraine conflict

न रूस राजी है और न ही यूक्रेन

February 24, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • रिश्वत मांगने से पॉलिसी में बदलाव तक… दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया पर क्या थे आरोप?
  • इन कानूनी पचड़े में उलझी हुई है ‘हेरा फेरी 3’
  • घर खरीदते समय भूलकर भी मत करें ये 5 गलतियां, वरना बर्बाद हो जाएगा आपका पैसा

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.