बेंगलुरु : बेंगलुरु ग्रामीण से लोकसभा सांसद और कांग्रेस के नेता डीके सुरेश ने गुरुवार को नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने दावा किया कि अगर केंद्र सरकार फंड जारी न करने का ही रुख दिखाती रही तो दक्षिण भारत के राज्य अलग देश की मांग उठाएंगे। वहीं, भाजपा ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भगवा दल के सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा है कि डीके सुरेश देश को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस का इतिहास बांटो और राज करो की नीति पर आधारित रहा है।
Rashtrakavi Kuvempu, in our Nada Geethe, says, "Jaya Bharatha Jananiya Tanujaate, Jaya Hey Karnataka Mathe (Victory to you Mother Karnataka, The Daughter of Mother India!).
While the Congress Party has a history of 'Divide and Rule', its MP Sri @DKSureshINC plays the trick again… pic.twitter.com/ou5cPNz5r7
— Tejasvi Surya (ಮೋದಿಯ ಪರಿವಾರ) (@Tejasvi_Surya) February 1, 2024
लोकसभा में केंद्रीय अंतरिम बजट पेश किए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दक्षिणी राज्यों के लिए फंड नहीं जारी कर रही है। केंद्र सरकार इन राज्यों को जीएसटी और डायरेक्ट टैक्स का उचित हिस्सा नहीं दे रही है। डीके सुरेश ने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ अन्याय हो रहा है। इन राज्यों से जुटाया जाने वाला पैसा उत्तर भारतीय राज्यों को दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह से चलता रहा तो हम अलग देश की मांग उठाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री शिवकुमार ने सफाई में क्या कहा
डीके सुरेश ने कहा कि केंद्र सरकार को हमसे 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मिल रही है और बदले में हमें न के बराबर मिलता है। हमें इस पर सवाल उठाने चाहिए। अगर यह दुरुस्त नहीं किया जाता तो सभी दक्षिण भारतीय राज्यों को अलग देश की मांग के लिए आवाज उठानी होगी। डीके सुरेश के इस विवादित बयान के बाद उनके भाई और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से सफाई सामने आई है। उन्होंने कहा कि सुरेश केवल दक्षिण भारत का दर्द बता रहे थे। देश में संतुलन बना रहना चाहिए।
राहुल भारत जोड़ रहे, उनके सांसद देश तोड़ रहे
वहीं, भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास बांटो और राज करो का रहा है। सासंद डीके सुरेश अब फिर वही खेल खेल रहे हैं। वह चाहते हैं कि उत्तर और दक्षिण भारत अलग हो जाए। उन्होंने आगे कहा कि एक ओर राहुल गांधी अपनी जोड़ो यात्राओं के साथ देश को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर उन्हीं की पार्टी के एक सांसद देश को तोड़ने पर आमादा हैं। कर्नाटक की जनता ऐसा कभी नहीं होने देगी। लोकसभा चुनाव में उन्हें इसका जवाब मिलेगा। कांग्रेस का एजेंडा ही बांटने का है।







