Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

हिमाचल के सरकारी अस्पतालों के हालत बदतर, खराब पड़े ज्यादातर वेंटिलेटर

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 1, 2024
in राजनीति, राज्य
A A
hospitals
16
SHARES
527
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

शिमला: हिमाचल प्रदेश में गंभीर मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाले वेंटिलेटरर्ज को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों व विभिन्न सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर तो हैं, लेकिन उनमें ज्यादातर खराब पड़े हैं। वहीं टैक्नीशयन नहीं होने के कारण बड़ी तादाद में वेंटिलेटर इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। सूबे में गिनने को तो 914 वेंटिलेटर है। लेकिन इनमें से 100 से ज्यादा खराब हैं। सबसे हैरत की बात तो यह है कि 498 वेंटिलेटरों को चलाने के लिए कोई भी टैक्नीशियन तक नहीं है।

498 वेंटिलेटर इस्तेमाल में नहीं

इन्हें भी पढ़े

cm dhami

PM मोदी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भरता की ओर उत्तराखंड : CM धामी

October 8, 2026
Mamaji's journalism teaches

मामाजी की पत्रकारिता सिखाती है कलम का धर्म

October 7, 2026
पंजाब BJP अध्यक्ष

पंजाब BJP अध्यक्ष बोले, ‘AAP सरकार के भ्रष्टाचार का घड़ा भरा, इसका…’

October 7, 2026
PM Modi

‘आज मैं जो कुछ हूं…’, पीएम मोदी ने किसे दिया अपनी सफलता का क्रेडिट

October 7, 2026
Load More

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में कल 914 वेंटिलेटर्ज उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से 416 वेंटिलर क्रियाशील हैं। 498 वेंटिलेटर इस्तेमाल में नहीं लाए जा रहे हैं और इनमें 128 वेंटिलेटर्स खराब पड़े हैं। उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी, तकनीकी स्टाफ व मेडिकल आफिसर की कमी व अन्य कारणों से इनका वेंटिलेर्स का प्रयोग नहीं हो रहा है।

कहां कितने वेंटिलेटर खराब?

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मंडी के नेरचौक स्थित मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा 51 वेंटिलेटर्ज खराब हैं। वहीं शिमला स्थित सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में 29 वेंटिलेटर्ज खराब हैं। चंबा मेडिकल कॉलेज में 14, हमीरपुर मेडिकल कालेज में 10, पालमपुर सिविल अस्पताल में दो, रिकांगपिओ क्षेत्रीय अस्पताल में एक, सिविल अस्पताल रोहड़ू में चार, जोनल अस्पताल रिपन शिमला में दो, कमला नेहरू अस्पताल में दो, नाहन मेडिकल कालेज में 10, सिविल अस्पताल अर्की में दो और क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक वेंटिलेटर्ज खराब है।

हमीरपुर मेडिकल कालेज में 51 वेंटिलेटर का नहीं हो रहा इस्तेमाल

इसके अलावा हमीरपुर मेडिकल कालेज में 51 वेंटिलेटर्ज का तकनीकी स्टॉफ की कमी के कारण इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसी तरह टांडा मेडिकल कॉलेज में 46, रिकांगपिओ अस्पताल में 22, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 21, नेरचौक मेडिकल कालेज में 60, जोनल अस्पताल रिपन में 21, आइ्रजीएमसी में 59, नाहन मेडिकल कौलेज में 34, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में 16 वेंटिलेटर्ज का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

66 सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में वेटिलेटर्ज की सुविधा

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 66 सरकारी अस्पतालों (मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर) में वेंटिलेटर्ज की सुविधा उपलब्ध है। इनमें 914 वेंटिलेटर्ज हैं। आईजीएमसी में 119, नेरचौक मंडी में 101, टांडा मेडिकल कॉलेज में 133, हमीरपुर मेडिकल कालेज में 69 और चंबा मेडिकल कॉलेज में 65 वेंटिलेटर्ज मौजूद हैं।

24 ऑक्सीजन प्लांट भी बंद

इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में 56 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट व दो मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट उपलब्ध हैं। इनमें से 32 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट व एक मेडिकल ऑक्सीजन गैस कार्यशील है। जबकि 24 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट व एक मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट बंद पड़ा है। पीएसए ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन अस्पताल में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत के आधार पर होता है, क्योंकि इन प्लांट में ऑक्सीजन उत्पादित होने के बाद जमा नहीं होती व एक मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट जो आईजीएमसी में कार्यशील हैं और इसमें 150 क्यूम प्रति घंटा ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
REC CMD Shri Vivek Kumar

आरईसी के सीएमडी श्री विवेक कुमार को इंस्टीट्यूट ऑफ डायरेक्टर्स ने 2024 का ‘विशिष्ट फेलो’ पुरस्कार प्रदान किया

August 10, 2024
INDI alliance

I.N.D.I. गठबंधन ने पीएम का फैसला किया!

December 20, 2023
Lok Sabha

लोकसभा में पेपर लीक रोकने संबंधी संशोधन विधेयक 2026 पारित, राहुल गांधी और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक

July 29, 2026
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • भारत में सबसे सस्ता इंटरनेट, 268 रुपये से 8 रुपये प्रति जीबी हुआ डेटा
  • फिल्में कैसे चुनते थे नाना पाटेकर? बनाए थे ये 4 सख्त नियम!
  • FD में ₹1 लाख के निवेश पर किस अवधि में मिलेगा सबसे तगड़ा रिटर्न?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.