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Home राजनीति

हिमाचल के सरकारी अस्पतालों के हालत बदतर, खराब पड़े ज्यादातर वेंटिलेटर

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 1, 2024
in राजनीति, राज्य
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hospitals
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शिमला: हिमाचल प्रदेश में गंभीर मरीजों के लिए इस्तेमाल होने वाले वेंटिलेटरर्ज को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों व विभिन्न सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर तो हैं, लेकिन उनमें ज्यादातर खराब पड़े हैं। वहीं टैक्नीशयन नहीं होने के कारण बड़ी तादाद में वेंटिलेटर इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। सूबे में गिनने को तो 914 वेंटिलेटर है। लेकिन इनमें से 100 से ज्यादा खराब हैं। सबसे हैरत की बात तो यह है कि 498 वेंटिलेटरों को चलाने के लिए कोई भी टैक्नीशियन तक नहीं है।

498 वेंटिलेटर इस्तेमाल में नहीं

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में कल 914 वेंटिलेटर्ज उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से 416 वेंटिलर क्रियाशील हैं। 498 वेंटिलेटर इस्तेमाल में नहीं लाए जा रहे हैं और इनमें 128 वेंटिलेटर्स खराब पड़े हैं। उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी, तकनीकी स्टाफ व मेडिकल आफिसर की कमी व अन्य कारणों से इनका वेंटिलेर्स का प्रयोग नहीं हो रहा है।

कहां कितने वेंटिलेटर खराब?

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मंडी के नेरचौक स्थित मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा 51 वेंटिलेटर्ज खराब हैं। वहीं शिमला स्थित सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में 29 वेंटिलेटर्ज खराब हैं। चंबा मेडिकल कॉलेज में 14, हमीरपुर मेडिकल कालेज में 10, पालमपुर सिविल अस्पताल में दो, रिकांगपिओ क्षेत्रीय अस्पताल में एक, सिविल अस्पताल रोहड़ू में चार, जोनल अस्पताल रिपन शिमला में दो, कमला नेहरू अस्पताल में दो, नाहन मेडिकल कालेज में 10, सिविल अस्पताल अर्की में दो और क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में एक वेंटिलेटर्ज खराब है।

हमीरपुर मेडिकल कालेज में 51 वेंटिलेटर का नहीं हो रहा इस्तेमाल

इसके अलावा हमीरपुर मेडिकल कालेज में 51 वेंटिलेटर्ज का तकनीकी स्टॉफ की कमी के कारण इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसी तरह टांडा मेडिकल कॉलेज में 46, रिकांगपिओ अस्पताल में 22, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में 21, नेरचौक मेडिकल कालेज में 60, जोनल अस्पताल रिपन में 21, आइ्रजीएमसी में 59, नाहन मेडिकल कौलेज में 34, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में 16 वेंटिलेटर्ज का इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

66 सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में वेटिलेटर्ज की सुविधा

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 66 सरकारी अस्पतालों (मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर) में वेंटिलेटर्ज की सुविधा उपलब्ध है। इनमें 914 वेंटिलेटर्ज हैं। आईजीएमसी में 119, नेरचौक मंडी में 101, टांडा मेडिकल कॉलेज में 133, हमीरपुर मेडिकल कालेज में 69 और चंबा मेडिकल कॉलेज में 65 वेंटिलेटर्ज मौजूद हैं।

24 ऑक्सीजन प्लांट भी बंद

इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में 56 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट व दो मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट उपलब्ध हैं। इनमें से 32 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट व एक मेडिकल ऑक्सीजन गैस कार्यशील है। जबकि 24 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट व एक मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट बंद पड़ा है। पीएसए ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन का उत्पादन अस्पताल में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत के आधार पर होता है, क्योंकि इन प्लांट में ऑक्सीजन उत्पादित होने के बाद जमा नहीं होती व एक मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट जो आईजीएमसी में कार्यशील हैं और इसमें 150 क्यूम प्रति घंटा ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है।

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