शिमला: हिमाचल विधानसभा में बीजेपी विधायक दल को विधानसभा अध्यक्ष पर विश्वास नहीं है. ऐसे में जल्द ही बीजेपी विधायक दल उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाला है. इसके लिए नोटिस भी दिया गया है.
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही दोपहर दो बजे शुरू हुई. कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में सियासी पारा चढ़ गया. भारतीय जनता पार्टी विधायक दल नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा के पास पहुंच गया. यहां भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने नियम- 274 के तहत विधानसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए नोटिस दिया.
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का इन दिनों जो रवैया है, वह पक्षपातपूर्ण है. वह किसी की भी बात नहीं सुनते. उन्होंने शुक्रवार को निंदा प्रस्ताव के दौरान विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया. इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष की बातों को अनसुना करते हैं. ऐसे में भारतीय जनता पार्टी विधायक दल को उन पर विश्वास नहीं है.
विधानसभा में विपक्ष का हंगामा
दोपहर दो बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्वाइंट ऑफ ऑर्डर की मांग उठी. भारतीय जनता पार्टी विधायक दल चाहता था कि विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा को जो नोटिस दिया गया है, इस पर विधानसभा अध्यक्ष संज्ञान ले और नैतिकता के आधार पर आसान को छोड़ दें. ऐसा न होने पर भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने सदन से वॉकआउट कर दिया. विधानसभा अध्यक्ष चाहते थे कि पहले प्रश्न काल पूरा हो जाए.
सदन से बाहर आकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष की बात नहीं सुन रहे हैं. हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट का भी मुद्दा उठाया. जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में आर्थिक हालत ठीक नहीं है. सितंबर महीने की दूसरी तारीख आ चुकी है और कर्मचारियों को वेतन के साथ रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि पहले तो आर्थिक संकट आने की बात कही जा रही थी, लेकिन अभी आर्थिक संकट राज्य में आ चुका है.
राज्यपाल के पास जाने की तैयारी में बीजेपी विधायक दल
विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष पक्षपाती हैं. वे विपक्ष की बात नहीं सुनते. उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लोगों से जुड़ा हुआ मुद्दा उठाना चाहा, तो इसकी अनुमति भी विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नहीं दी गई.
वॉकआउट के बाद अब भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की अहम बैठक हुई. इस बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी का विधायक दल नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात करने के लिए राजभवन जा सकता है. सत्तापक्ष कांग्रेस के पास 40 और विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पास 28 विधायक हैं.







