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World Earth Day: पृथ्वी के केंद्र में कितना लोहा है? धरती के बारे में दिलचस्प बातें!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 22, 2025
in राष्ट्रीय, विशेष, विश्व
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world earth day
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प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर


नई दिल्ली: पृथ्वी के केंद्र में लोहे की मात्रा और धरती के बारे में दिलचस्प तथ्यों को समझने के लिए, मैं इसे दो हिस्सों में बांटकर विस्तार से बताऊंगा: पहला, पृथ्वी के केंद्र (कोर) में लोहे की मात्रा, और दूसरा, पृथ्वी के बारे में रोचक तथ्यों की पूरी रिपोर्ट।

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पृथ्वी के केंद्र में कितना लोहा है ?

पृथ्वी का केंद्र, जिसे कोर कहा जाता है, दो हिस्सों में बंटा है: आंतरिक कोर (inner core) और बाह्य कोर (outer core)। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, पृथ्वी का कोर मुख्य रूप से लोहा (iron) और निकेल (nickel) से बना है, जिसमें लोहा प्रमुख घटक है।

आंतरिक कोर: यह ठोस है, इसका व्यास लगभग 2,440 किलोमीटर है, और यह मुख्य रूप से लोहे (85-90%) और निकेल (5-10%) का मिश्रण है। कुछ हल्के तत्व जैसे सल्फर, ऑक्सीजन या सिलिकॉन भी थोड़ी मात्रा में हो सकते हैं।

बाह्य कोर: यह तरल अवस्था में है, इसकी मोटाई लगभग 2,200 किलोमीटर है। इसमें भी लोहा (80%) और निकेल (5%) प्रमुख हैं, साथ ही सल्फर और ऑक्सीजन जैसे हल्के तत्व (~10-15%) मौजूद हैं।

कितनी है लोहे की कुल मात्रा ?

पृथ्वी का कुल द्रव्यमान लगभग 5.97 × 10²⁴ किलोग्राम है। कोर का द्रव्यमान पृथ्वी के कुल द्रव्यमान का लगभग 32.5% है, यानी करीब 1.94 × 10²⁴ किलोग्राम। इसमें से लोहे का हिस्सा ~80-90% होने का अनुमान है। इसका मतलब है कि पृथ्वी के कोर में लोहे का द्रव्यमान लगभग 1.55 × 10²⁴ से 1.75 × 10²⁴ किलोग्राम के बीच है। अगर इसे सरल शब्दों में कहें, तो पृथ्वी के केंद्र में लाखों अरबों टन लोहा मौजूद है।

पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण !

वैज्ञानिकों ने भूकंपीय तरंगों (seismic waves) के अध्ययन से कोर की संरचना का अनुमान लगाया है। P-तरंगें और S-तरंगें अलग-अलग पदार्थों में अलग-अलग गति से चलती हैं, जिससे कोर की सामग्री का पता चलता है। पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण भी बाह्य कोर में तरल लोहे की गति (डायनमो प्रभाव) से होता है, जो लोहे की मौजूदगी का प्रमाण है।

पृथ्वी के बारे में दिलचस्प तथ्य !

पृथ्वी, जिसे नीला ग्रह (Blue Planet) भी कहा जाता है, सौरमंडल का एक अनोखा ग्रह है। यह जीवन को पोषित करने वाला एकमात्र ज्ञात ग्रह है। नीचे पृथ्वी के बारे में रोचक और महत्वपूर्ण तथ्यों की विस्तृत जानकारी दी गई है: पृथ्वी की संरचना

क्रस्ट (Crust) पृथ्वी की सबसे बाहरी पतली परत, 5-70 किमी मोटी। यह सिलिकॉन और ऑक्सीजन से बनी है। मैंटल (Mantle) क्रस्ट के नीचे, 2,900 किमी मोटी। यह सिलिकॉन, मैग्नीशियम और ऑक्सीजन से बना है। यह आंशिक रूप से पिघला हुआ है। कोर (Core) जैसा कि ऊपर बताया, लोहा और निकेल से बना, जो पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र बनाता है।

पृथ्वी का व्यास लगभग 12,742 किमी है। इसका द्रव्यमान 5.97 × 10²⁴ किलोग्राम है। इसका आकार: पृथ्वी पूरी तरह गोल नहीं है, बल्कि चपटा गोला (oblate spheroid) है। इसका भूमध्य रेखा पर व्यास ध्रुवों की तुलना में थोड़ा बड़ा है।

क्या हैं पृथ्वी की विशेषताएं ?

पृथ्वी का वायुमंडल 78% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सीजन और 1% अन्य गैसों (जैसे आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड) से बना है। यह जीवन के लिए ऑक्सीजन प्रदान करता है, हानिकारक सौर विकिरण से बचाता है, और ग्रीनहाउस प्रभाव के जरिए तापमान को संतुलित रखता है।

पृथ्वी की सतह का 71% हिस्सा पानी (महासागरों) से ढका है, जिसके कारण इसे “नीला ग्रह” कहा जाता है। यह सौरमंडल में एकमात्र ऐसा ग्रह है जहां तरल अवस्था में पानी प्रचुर मात्रा में मौजूद है। पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र बाह्य कोर में तरल लोहे की गति से उत्पन्न होता है। यह सौर हवाओं से पृथ्वी को बचाता है और उत्तरी रोशनी (Aurora Borealis) और दक्षिणी रोशनी (Aurora Australis) जैसे अद्भुत दृश्य बनाता है।

पृथ्वी अपने अक्ष पर 23 घंटे 56 मिनट में एक चक्कर पूरा करती है, जिससे दिन-रात होते हैं। यह सूर्य के चारों ओर 365.25 दिन में चक्कर लगाती है, जिससे साल बनता है। पृथ्वी का अक्ष 23.5 डिग्री झुका हुआ है, जिसके कारण मौसम बदलते हैं।

कैसे हुई जीवन की उत्पत्ति ?

पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत लगभग 3.8 अरब साल पहले हुई थी, संभवतः महासागरों में। पृथ्वी पर 87 लाख से ज्यादा प्रजातियां मौजूद हैं, और वैज्ञानिकों का मानना है कि अभी कई प्रजातियां खोजी जानी बाकी हैं। पृथ्वी का औसत तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस है, जो जीवन के लिए आदर्श है। ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, जो एक गंभीर चुनौती है। पृथ्वी में खनिज, पानी, हवा और जैव विविधता जैसे संसाधन प्रचुर हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है।

पृथ्वी के अनोखे तथ्य क्या ?

प्राचीनतम चट्टानें पृथ्वी पर सबसे पुरानी चट्टानें कनाडा में मिली हैं, जो 4.28 अरब साल पुरानी हैं। सबसे गहरा बिंदु: प्रशांत महासागर में मरियाना ट्रेंच पृथ्वी का सबसे गहरा बिंदु है, जो 11 किमी गहरा है। सबसे ऊंचा बिंदु: माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) पृथ्वी का सबसे ऊंचा पर्वत है। पृथ्वी का जन्म:पृथ्वी की उम्र लगभग 4.54 अरब साल है। यह सौरमंडल के निर्माण के साथ बनी थी। चंद्रमा का प्रभाव: पृथ्वी का चंद्रमा ज्वार-भाटा (tides) को नियंत्रित करता है और पृथ्वी की गति को स्थिर रखता है।

पृथ्वी से लेकर मानव तक !

जनसंख्या 2022 में पृथ्वी की जनसंख्या 8 अरब को पार कर गई थी। पृथ्वी पर सबसे प्राचीन सभ्यताएं, जैसे मेसोपोटामिया और सिंधु घाटी, लगभग 5,000 साल पुरानी हैं। अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी एक नीली और हरी गेंद की तरह दिखती है, जिसमें बादल और महासागर चमकते हैं। लगभग 5 अरब साल बाद सूर्य एक लाल दानव (red giant) बन जाएगा, जिससे पृथ्वी पर जीवन असंभव हो जाएगा। मानव गतिविधियां, जैसे औद्योगिकीकरण और वनों की कटाई, पृथ्वी के पर्यावरण को बदल रही हैं। सतत विकास (sustainable development) ही इसका समाधान है।

कई चुनौतियों का सामना !

पृथ्वी का केंद्र लोहे से भरा हुआ है, जो इसके द्रव्यमान का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 1.55 × 10²⁴ किलोग्राम) बनाता है। यह लोहा पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को उत्पन्न करता है, जो जीवन के लिए जरूरी है। पृथ्वी एक अनोखा ग्रह है, जहां पानी, वायुमंडल, और जैव विविधता ने जीवन को संभव बनाया है। हालांकि, मानव गतिविधियों के कारण इसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

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