प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद में सांसदों, अधिकारियों और आगंतुकों के लिए सेहतमंद आहार उपलब्ध कराने की पहल की है। इस योजना के तहत संसद की कैंटीन में पौष्टिक और कम कैलोरी वाले व्यंजनों को शामिल किया गया है, ताकि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा सके। इस पहल का उद्देश्य मोटापे और अस्वास्थ्यकर खानपान से संबंधित समस्याओं को कम करना है, जो कि भारत में एक बढ़ती हुई चिंता का विषय है।
क्या है नया मेन्यू ?
कैंटीन में अब रागी-बाजरा इडली, ज्वार उपमा, मूंग दाल चीला, उबली सब्जियाँ, ग्रिल्ड मछली और स्प्राउट सलाद जैसे पौष्टिक व्यंजन परोसे जाएंगे। पेय पदार्थों में ग्रीन टी, हर्बल चाय, मसाला सत्तू और गुड़ के स्वाद वाला आम पन्ना शामिल हैं, जो चीनी युक्त सोडा और पारंपरिक मिठाइयों का विकल्प होंगे। प्रत्येक व्यंजन को कम कार्बोहाइड्रेट, कम सोडियम, कम कैलोरी और उच्च फाइबर व प्रोटीन युक्त बनाया गया है।
यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ संबोधन से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने मोटापे से निपटने के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया था, विशेष रूप से खाद्य तेल की खपत कम करने की अपील की थी। सरकारी अनुमान के अनुसार, 2050 तक भारत में लगभग 45 करोड़ लोग मोटापे से प्रभावित हो सकते हैं, जिसके बाद भारत अमेरिका के बाद दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश होगा।
स्वास्थ्य जागरूकता के प्रयास
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नियमित रूप से सांसदों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करते रहे हैं। कई विशेषज्ञों ने सांसदों के लिए स्वस्थ जीवनशैली और आहार पर व्याख्यान भी दिए हैं। यह पहल न केवल सांसदों और संसद में आने वाले आगंतुकों की सेहत को बेहतर बनाएगी, बल्कि देशभर में स्वस्थ खानपान को बढ़ावा देने का एक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगी। संसद की कैंटीन में शुगर-फ्री और मिलेट-आधारित भोजन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो पोषण को बढ़ावा देता है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की इस पहल से संसद में स्वस्थ खानपान को बढ़ावा मिलेगा, जो न केवल सांसदों और आगंतुकों के स्वास्थ्य को सुधारेगा, बल्कि देश में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगा। यह कदम भारत में मोटापे और अस्वास्थ्यकर खानपान की समस्या को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।






