नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने रविवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए इंडी गठबंधन के नेताओं द्वारा घुसपैठियों के समर्थन में भाजपा नेताओं को धमकियां देने की जमकर आलोचना की। डॉ संबित पात्रा ने कहा कि देश में विपक्ष ‘घुसपैठिया बचाओ आंदोलन’ चला रहा है। यही कारण है कि राहुल गांधी की जो यात्रा निकली है, वह ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ बन गई है।
लोकसभा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने कहा कि जो स्पेशल इंटेंसिव ड्राइव चुनाव आयोग द्वारा बिहार में आरंभ किया गया है, उसको लेकर विपक्ष के अंदर विशेष रूप से कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार में एक प्रकार की हताशा और निराशा का माहौल है और उसके परिणाम स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं। वास्तव में जैसा कि माननीय गृह मंत्री जी ने कहा है, विपक्ष ‘घुसपैठिया बचाओ आंदोलन’ चला रहा है। यही कारण है कि राहुल गांधी की जो यात्रा निकली है, वह ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ बन गई है। इस यात्रा को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और देशवासियों ने यह ठान लिया है कि किसी भी कीमत पर देश को घुसपैठियों से बचाना है।
लोकसभा सांसद ने कहा कि 15 अगस्त को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा था कि देश को घुसपैठियों से हर कीमत पर बचाना है क्योंकि यह देश की सुरक्षा का विषय है। मगर विपक्ष की बेचैनी देखिए कि झारखंड के वरिष्ठ मंत्री इरफान अंसारी, जो दो बार के मंत्री रह चुके हैं, कहते हैं कि जो घुसपैठियों की बात करेगा, जो बांग्लादेशी कहेगा, भारतीय जनता पार्टी की कब्र हम झारखंड में खोद देंगे। सोचिए, जो व्यक्ति देश को बचाने की बात करेगा, सुरक्षा की बात करेगा, और यह कहेगा कि देश के संसाधनों पर सबसे पहले देशवासियों का अधिकार है, उसे कब्र में दफना देने की धमकी दी जा रही है। जबकि महिमामंडन उन लोगों का किया जा रहा है जो यह कहेंगे कि बांग्लादेशियों का देश के संसाधनों पर पहला अधिकार है।
डॉ. पात्रा ने कहा कि केवल इरफान अंसारी ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष अब्दुल रहीम बख्शी ने भी भारतीय जनता पार्टी के विधायक को खुलेआम धमकाते हुए कहा है कि यदि आप घुसपैठिये शब्द का प्रयोग करेंगे और बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे तो मैं आपके चेहरे पर तेजाब फेंक दूंगा, आपके गले में तेज़ाब डाल दूंगा और आपकी बोलती बंद कर दूंगा। यह केवल एक धमकी नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और समाज दोनों के लिए बेहद गंभीर और खतरनाक संकेत है।
यह अत्यंत संवेदनशील और गंभीर विषय है। किसी के चेहरे पर तेज़ाब फेंकने की बात करना बहुत बड़ा दंडनीय अपराध है। देश की कई बहनें इस घृणित अपराध की शिकार होकर अपनी पूरी जिंदगी बर्बाद होते देख चुकी हैं। ऐसे में यदि किसी राजनीतिक दल का वरिष्ठ नेता खुले मंच से इस प्रकार की धमकी देता है, तो इस पर अवश्य ही कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉ. पात्रा ने अपील की कि कोलकाता हाई कोर्ट को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और ऐसे व्यक्ति को जेल भेजा जाना चाहिए।







