Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राजनीति

‘पब्लिसिटी के लिए मत आओ…’, किसान पर चिल्लाए खड़गे, बीजेपी बोली- ये अन्नदाता का अपमान

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
September 8, 2025
in राजनीति, राष्ट्रीय
A A
Mallikarjun Kharge
18
SHARES
587
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर


नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा कर्नाटक के कलबुरगी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक किसान को “पब्लिसिटी के लिए मत आओ” कहकर डांटने का मामला सुर्खियों में है। यह घटना 7 सितंबर को हुई, जब खड़गे अपने आवास पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान एक किसान ने बाढ़ और बारिश के कारण फसल नुकसान, खासकर तुअर दाल और अन्य फसलों के मुद्दे को उठाने की कोशिश की।

इन्हें भी पढ़े

examination system

भारत की परीक्षा व्यवस्था पर बढ़ते सवाल, परीक्षाओं में गड़बड़ी का ज़िम्मेदार कौन?

June 27, 2026
climate change

क्लाइमेट चेंज का सबसे ज्यादा असर झेल रहे भारत के बच्चे, UNICEF रिपोर्टसावधान!

June 25, 2026
ice of the arctic

आर्कटिक की पिघलती बर्फ में भारत तलाश रहा अपना भविष्य!

June 25, 2026
BJP and Congress

नागरिकता पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा, BJP ने किया पलटवार!

June 25, 2026
Load More

किसान की शिकायत और खड़गे का जवाब

एक किसान ने खड़गे के सामने फसल नुकसान की समस्या रखी और बताया कि उनकी चार एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। खड़गे ने सख्त लहजे में जवाब दिया, “तुम्हारी चार एकड़ फसल खराब हुई होगी, लेकिन मेरी तो 40 एकड़ बर्बाद हो गई है। सिर्फ तुअर दाल ही नहीं, बल्कि मूंग, उड़द, कपास और सूरजमुखी की फसलें भी बर्बाद हो चुकी हैं। पब्लिसिटी के लिए यहां मत आओ।” उन्होंने आगे कहा, “कहावत है कि तीन पसलियों वाला छह पसलियों वाले को उपदेश देता है। जाकर मोदी और शाह से कहो कि तुअर दाल खराब हो गई है।”

बीजेपी की प्रतिक्रिया

बीजेपी ने खड़गे के इस बयान को “किसान विरोधी” करार देते हुए तीखी आलोचना की। बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा “खड़गे का व्यवहार “अन्नदाता का अपमान” है। कांग्रेस ने हमेशा किसानों, सैनिकों और संविधान का अपमान किया है।

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के दौरान हजारों किसानों ने आत्महत्या की, और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को 8 साल तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने एक पुरानी घटना का जिक्र किया, जहां कांग्रेस सांसद तारिक अनवर को बाढ़ प्रभावित इलाके में एक व्यक्ति की पीठ पर बैठकर ले जाया गया था, जिसे भी किसान अपमान का उदाहरण बताया।

कांग्रेस का पक्ष

कांग्रेस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, खड़गे ने अपनी बात में यह स्पष्ट करने की कोशिश की थी कि वह स्वयं एक किसान हैं और फसल नुकसान की समस्या को समझते हैं, क्योंकि उनकी 40 एकड़ फसल भी बर्बाद हुई है।

कांग्रेस की “किसान विरोधी” छवि: बीजेपी

कर्नाटक में हाल ही में भारी बारिश और बाढ़ ने कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खड़गे, जो कलबुरगी से हैं, ने इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन उनकी टिप्पणी को असंवेदनशील माना गया।

यह घटना बीजेपी को कांग्रेस पर हमला करने का मौका दे रही है, खासकर तब जब किसान मुद्दे देश में संवेदनशील बने हुए हैं। बीजेपी इसे कांग्रेस की “किसान विरोधी” छवि को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल कर रही है। खड़गे स्वयं एक किसान परिवार से आते हैं और कर्नाटक में उनकी अपनी जमीन है। उनकी टिप्पणी को कुछ लोग व्यक्तिगत नुकसान से उपजी निराशा के रूप में देख रहे हैं, लेकिन उनके लहजे को असंवेदनशील माना गया।

“अन्नदाता का अपमान”

यह घटना एक स्थानीय प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विवाद बन गई है। खड़गे का किसान को “पब्लिसिटी” के लिए टोकना और बीजेपी का इसे “अन्नदाता का अपमान” करार देना, दोनों ही पक्षों की राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है। जहां खड़गे ने फसल नुकसान की गंभीरता को स्वीकार किया, वहीं उनका लहजा और शब्दों का चयन विवादास्पद बन गया।

बीजेपी ने इसे कांग्रेस की किसान विरोधी छवि को उजागर करने के लिए भुनाया। इस घटना का वास्तविक प्रभाव किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक बहस में सिमटता दिख रहा है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

राज्यपालों की नियुक्ति होनी है

July 8, 2022

नियोक्ता संघों की भूमिका को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करती है भारतीय नियोक्ता परिषद

February 11, 2023
A Raja

हिंदू धर्म पर जहर उगलकर आंबेडकर की आड़ ले रहे हैं ए. राजा, बाबा साहेब ने आखिर कहा क्या था?

September 13, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • दिल्ली की मंडियों को मिलेगी जाम और बेतरतीब ट्रैफिक से मुक्ति, MCD ने राहत देने बनाया यह धांसू प्लान
  • 5 मिनट में करें अप्लाई, 3 दिन में मिल जाएगा NPS में जमा सारा पैसा
  • दिल्ली की महिलाओं को ‘सुरक्षा कवच’ देने जा रही रेखा सरकार!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.