नई दिल्ली: एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे सी.पी. राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति चुने गए हैं. राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने बताया कि उन्हें 452 प्रथम वरीयता मत मिले. वहीं विपक्ष के उम्मीदवार जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को 300 प्रथम वरीयता मत प्राप्त हुए. इस तरह स्पष्ट अंतर से राधाकृष्णन की जीत पक्की हुई. राधाकृष्णन के नामांकन के बाद से ही एनडीए खेमे का पलड़ा भारी माना जा रहा था. उनके चुने जाने के साथ ही अब वे राज्यसभा के सभापति पद की जिम्मेदारी भी संभालेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा, ‘सी.पी. राधाकृष्णन जी को 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव में विजयी होने पर बधाई. उनका जीवन सदैव समाज सेवा और गरीबों व वंचितों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित रहा है. मुझे विश्वास है कि वे एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति होंगे, जो हमारे संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करेंगे और संसदीय संवाद को आगे बढ़ाएंगे.’
बीजेपी के सभी सांसद मंगलवार रात करीब 9.30 बजे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के आवास पर मिलेंगे. वे यहां नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का स्वागत करेंगे. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राधाकृष्णन को बधाई देने पहुंचेंगे.
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: विपक्षी उम्मीदवार ने क्या कहा?
नतीजों के बाद विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा, ‘हमारे महान गणराज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अटूट विश्वास के साथ मैं विनम्रतापूर्वक परिणाम स्वीकार करता हूं.’ उन्होंने लिखा कि ‘हालांकि परिणाम मेरे पक्ष में नहीं है, लेकिन वैचारिक संघर्ष और भी जोरदार तरीके से जारी है.’
किसने की क्रॉस-वोटिंग?
INDIA गठबंधन ने दावा किया था कि उसके उम्मीदवार को 315 वोट मिलेंगे. इसका मतलब है कि लगभग 14-15 विपक्षी सांसदों ने शायद क्रॉस वोट किया है.
जयराम रमेश बोले- विपक्ष की हार नहीं, नैतिक जीत हुई है
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि इस चुनाव में विपक्ष पूरी तरह से एकजुट रहा और उसका प्रदर्शन ‘सम्मानजनक’ रहा. उन्होंने बताया कि विपक्ष के साझा उम्मीदवार जस्टिस (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी को करीब 40% वोट मिले. जबकि 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष को महज 26% वोट ही मिले थे. रमेश ने लिखा, ‘यह दिखाता है कि विपक्ष का आधार मजबूत हो रहा है.’
जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा की अंकगणितीय जीत वास्तव में एक नैतिक और राजनीतिक हार है. उन्होंने जोर देकर कहा कि विचारधारा की लड़ाई अभी भी पूरी मजबूती से जारी है और इसे और आगे ले जाया जाएगा







