नई दिल्ली: बिहार में एनडीए की बंपर जीत के बाद गुजरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर तीखा निशाना साधा. सूरत में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जातिवाद के नाम पर राजनीति करने वालों को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा बिहार में कई जमानती नेता, वहां जा-जाकर जातिवाद का भाषण देते रहते थे. पूरी ताकत से जातिवाद का जहर फैलाते रहते थे. पुराने जमाने से उन्हें लगता था कि इससे उनका खेल हो जाएगा. लेकिन इस बार बिहार ने चुनाव में जातिवाद के जहर को पूरी तरह नकार दिया है. ये देश के लिए बहुत उज्जवल संदेश है.
बिहार में एनडीए की बंपर जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात दौरे पर पहुंचे हैं. यहां सूरत में पीएम मोदी ने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने बिहार के विपक्षी दलों पर तीखे हमले किए और कहा कि इस बार बिहार ने इस विधानसभा चुनाव ने जातिवाद की राजनीति को सख्ती से खारिज कर दिया है. पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कई नेता बिहार में बार-बार जाकर जाति आधारित राजनीति का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कहा,’कई जमानती नेता जातिवाद का भाषण देते रहते थे और पूरी ताकत से उसका जहर फैलाते थे. पुराने जमाने से उन्हें लगता रहा कि यही उनकी राजनीति का सबसे बड़ा हथियार है.’
वक्फ कानूनों का जिक्र कर विपक्ष पर बोला हमला
पीएम मोदी ने चुनावी रुझानों के बीच वक्फ कानून का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पहले बिहार में गैरकानूनी तरीके से जमीनों और मकानों पर कब्जा कर उन्हें वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया जाता था. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में भी इसी तरह हजारों साल पुराने पूरे-के-पूरे गांवों को वक्फ प्रॉपर्टी बता दिया गया था, जिससे देशभर में चिंता की स्थिति पैदा हो गई थी.
मोदी ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने संसद में वक्फ से संबंधित कानून पारित किया, जिससे पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित हो सके. चुनावी रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार की जनता ने इस बार जातिवाद की राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उनके अनुसार, ‘यह नतीजा देश के लिए बेहद सकारात्मक और उज्ज्वल संदेश लेकर आया है.’
मान-सम्मान और मर्यादा भारतीय राजनीति की आत्मा
बिहार की राजनीति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो–तीन वर्षों से विधानसभा में एक अजीब-सा चलन बन गया था. वरिष्ठ नेताओं का नीतीश कुमार को अपमानित करना मानो एक फैशन बन गया था.बेबुनियादी टिप्पणियां, भद्दी भाषा और मर्यादाओं को लांघते बयान.पीएम मोदी नेयाद दिलाया कि जिस तरह संसद में कुछ नामदार नेता सीमाएंतोड़ते हुए अनुचित व्यवहार करते हैं, वैसा ही आचरण पटना की सियासत में भी दिखने लगा था.
उन्होंने जोर देकर कहा कि न देश की जनता इस तरह के व्यवहार को स्वीकार करती है और न ही बिहार की जनता इसे बर्दाश्त करने वाली है. मर्यादा और सम्मान भारतीय राजनीति की आत्मा हैं, और जब भी कोई इन्हें तोड़ता है, लोग उसे जरूर जवाब देते हैं.







