नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपना हैंडशेक बदल लिया. आमतौर पर पुतिन लो ग्रिप स्टाइल में हाथ मिलाते हैं, लेकिन जब दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरे और प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तो उनका हैंडशेक स्टाइल बदला हुआ था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से लो ग्रिप स्टाइल में हैंडशेक करने वाले पुतिन मोदी के साथ सामान्य रूप से हाथ मिलाते नजर आए. पुतिन और मोदी ने सामान्य रूप से हैंडशेक किया. अब इस हैंडशेक के मायने निकाले जा रहे हैं.
प्रोटोकॉल तोड़कर मोदी ने की अगुवानी
किसी भी राष्ट्रप्रमुख को एयरपोर्ट से अगुवानी का काम विदेश मंत्रालय का होता है. इसके लिए प्रोटोकॉल तैयार है, लेकिन पुतिन को एयरपोर्ट पर लेने के लिए खुद प्रधानमंत्री मोदी पहुंच गए. मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर रूसी राष्ट्रपति की अगुवानी की. पीएम मोदी के इस कदम से रूस गदगद दिखा.
पुतिन का लो ग्रिप हैंडशेक स्टाइल
किसी भी नेता से मुलाकात के दौरान व्लादिमीर पुतिन हैंड ऑवर हैंड पॉलिसी का इस्तेमाल करते हैं. इस दौरान पुतिन धीरे से सामने वाले नेता से लो ग्रिप में हाथ मिलाते हैं. इस दौरान पुतिन का हाथ सामने वाले नेता के हाथ से ऊपर होता है. हाल ही में पुतिन जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बीजिंग में मिले थे, तब भी उन्होंने इस स्टाइल का इस्तेमाल किया था.
एक्सपर्ट के मुताबिक पुतिन इस हैंड स्टाइल से 2 संदेश देना चाहते हैं. पहला, मैं आपसे ऊपर हूं और दूसरा मैं पूरी तरह से नियंत्रण में हूं. कई मौकों पर पुतिन हाथ मिलाने के बाद सामने वाले नेता के कंधे पर भी हाथ धीरे से रख देते हैं.
पुतिन ने मोदी से कैसे हाथ मिलाया?
पालम एयरपोर्ट और प्रधानमंत्री आवास से जो हाथ मिलाने की तस्वीर आई, उसमें दोनों नेता गर्मजोशी से एक दूसरे से सामान्य रूप से हाथ मिला रहे हैं. सामान्य रूप से हाथ मिलाने का अर्थ है- दोनों एक सामान हैं और कोई किसी पर हावी नहीं है.
गर्मजोशी से हाथ मिलाकर दोनों ने यह भी संदेश देने की कोशिश की है कि तमाम अवरोधों के बावजूद दोनों के रिश्तों में गर्माहट बनी हुई है.







