देहरादून: अंक ज्योतिष और नाम विज्ञान का असर अब सरकारी दफ्तरों तक साफ दिखाई देने लगा है। अपने बच्चों का मूलांक और भाग्यांक अनुकूल करने के लिए अभिभावक 10 वर्ष तक की उम्र के बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र में नाम बदलवाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके चलते देहरादून के जन्म प्रमाणपत्र केंद्रों, खासकर दून अस्पताल, में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, कई अभिभावक अपने बच्चों के नाम के पहले या आखिरी अक्षर में बदलाव करवा रहे हैं। कुछ लोग नाम के किसी अक्षर को दोगुना करवा रहे हैं, तो कुछ बच्चे का पूरा नाम ही बदलने के लिए आवेदन दे रहे हैं। अभिभावकों का मानना है कि नाम के अक्षरों में बदलाव से अंकशास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल अनुकूल होती है और इससे भविष्य बेहतर बनता है।
दून अस्पताल में रोज पहुंच रहे नाम बदलवाने के आवेदन
दून अस्पताल के जन्म प्रमाणपत्र संवर्ग में रोजाना करीब पांच लोग केवल नाम परिवर्तन के लिए पहुंच रहे हैं। यह बदलाव अब सिर्फ जन्म प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि नाम बदलने के बाद लोगों को आधार कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड और अन्य पहचान पत्रों में भी संशोधन करवाना पड़ रहा है, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो जाती है। काम के बढ़ते दबाव का असर अब प्रमाणपत्रों की डिलीवरी पर भी दिखने लगा है। दून अस्पताल के जन्म प्रमाणपत्र केंद्र में इस समय करीब 100 आवेदन लंबित हैं। इसके साथ ही सर्वर की सुस्ती भी समस्या बढ़ा रही है। दिन में कई बार सर्वर ठप होने से काम रुक जाता है, जिससे कर्मचारियों और आवेदकों दोनों को परेशानी हो रही है।
ज्योतिषी की सलाह पर नाम में बदलाव
अलंकृता नाम की एक बच्ची के अभिभावक उसके नाम के अंग्रेजी स्पेलिंग में बदलाव करवाने पहुंचे। उन्होंने नाम के अंतिम अक्षर ‘A’ को दो बार लिखवाने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि अंक ज्योतिषी की सलाह पर यह बदलाव किया जा रहा है, जिससे बच्ची का मूलांक और भाग्यांक बदल सके। वहीं एक अन्य मामले में नितेश नाम के बच्चे के अभिभावकों ने उसका नाम बदलकर नितिश करवाने के लिए आवेदन दिया। उनका कहना था कि ज्योतिषी की सलाह पर नाम में यह बदलाव किया जा रहा है ताकि जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सके।
ज्योतिषियों का दावा: नाम बदलने से बदलती है ग्रह दशा
वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य गौरा छाबड़ा का कहना है कि “अंकशास्त्र में नाम के अक्षरों का विशेष महत्व होता है। अक्षरों में परिवर्तन करने से व्यक्ति का मूलांक और भाग्यांक बदलता है, जिससे ग्रहों की दशा में सुधार आता है।”
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग नाम परिवर्तन के लिए पहुंच रहे हैं। “नियमों के तहत नाम में परिवर्तन किया जा रहा है, लेकिन इससे कर्मचारियों पर काम का दबाव काफी बढ़ गया है।”
अंक ज्योतिष में विश्वास के चलते बच्चों के नाम बदलवाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। जहां एक ओर अभिभावक इसे भविष्य सुधारने का जरिया मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इससे सरकारी तंत्र पर अतिरिक्त प्रशासनिक दबाव भी साफ नजर आने लगा है।







