Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राष्ट्रीय

प्राचीन भारत की वो यूनिवर्सिटी, जहां एक साथ पढ़ते थे 10 हजार से ज्यादा छात्र

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
March 1, 2026
in राष्ट्रीय
A A
प्नाराचीन नालंदा विश्वविद्यालय
16
SHARES
531
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

नई दिल्ली:  सोचिए… न इंटरनेट था, न आधुनिक इमारतें, न टेक्नोलॉजी. फिर भी भारत की धरती पर एक ऐसी भव्य यूनिवर्सिटी थी, जहां दुनिया के कोने-कोने से छात्र ज्ञान पाने के लिए आते थे. बिहार की पावन भूमि पर बसे नालंदा की एक ऐसा शिक्षा केंद्र, जिसने भारत को “विश्व गुरु” की पहचान दिलाई. नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त काल में लगभग 5वीं शताब्दी में मानी जाती है. कहा जाता है कि इसे कुमारगुप्त प्रथम के समय स्थापित किया गया था. उस दौर में भारत शिक्षा, संस्कृति और ज्ञान के क्षेत्र में विश्व गुरु माना जाता था. नालंदा उसी गौरव का प्रतीक थी.

आज के समय में बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटियों में हजारों छात्र पढ़ते हैं, भारत में लगभग 5वीं सदी में ही ऐसी विशाल यूनिवर्सिटी मौजूद थी, जहां एक साथ 10 हजार से ज्यादा विद्यार्थी शिक्षा हासिल करते थे. यह कोई साधारण शिक्षण संस्थान नहीं था, बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध ज्ञान का केंद्र था.

इन्हें भी पढ़े

us israel attack on iran

अगर लंबा चला मिडिल ईस्ट में तनाव तो क्या होगा भारत पर असर?

March 1, 2026
heatwave

गर्मी का होने वाला है ‘महा-विस्फोट’, 125 साल का टूटेगा रिकॉर्ड

March 1, 2026
IRCTC

1 मार्च से IRCTC से नहीं मिलेगा टिकट, रेलवे का स्मार्ट एप बदलेगा बुकिंग का तरीका

February 28, 2026
Indian economic

जापान को पछाड़ने की राह पर भारत, GDP ने पकड़ी 7.8% की रफ्तार

February 28, 2026
Load More

जब 10 हजार छात्र एक साथ सीखते थे

नालंदा में करीब 10,000 छात्र और 1,500 से ज्यादा आचार्य एक साथ अध्ययन और अध्यापन करते थे. कल्पना कीजिए उस दृश्य की लंबी-लंबी गलियों में ज्ञान पर चर्चा करते विद्यार्थी, पेड़ों की छांव में बैठकर शास्त्रों पर वाद-विवाद करते गुरु और शिष्य.यहां भारत के अलावा चीन, तिब्बत, कोरिया, जापान और इंडोनेशिया जैसे देशों से छात्र आते थे. प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने यहां कई वर्षों तक अध्ययन किया और अपने लेखों में नालंदा की भव्यता और अनुशासन का भावुक वर्णन किया. उन्होंने लिखा कि यहां के आचार्य विद्वान ही नहीं, बल्कि चरित्रवान और अनुशासित भी थे.

क्या-क्या पढ़ाया जाता था?

नालंदा में बौद्ध धर्म के साथ-साथ वेद, व्याकरण, तर्कशास्त्र, गणित, खगोल विज्ञान, आयुर्वेद, दर्शनशास्त्र और साहित्य जैसे अनेक विषय पढ़ाए जाते थे.यहां शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री पाना नहीं था, बल्कि इंसान को बेहतर और जागरूक बनाना था. विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, अनुशासन और समाज सेवा की भी शिक्षा दी जाती थी.

विशाल पुस्तकालय था सबसे बड़ी पहचान

नालंदा का पुस्तकालय उस समय दुनिया के सबसे बड़े पुस्तकालयों में गिना जाता था.कहा जाता है कि इसमें लाखों पांडुलिपियां और किताबें मौजूद थीं. यह पुस्तकालय कई मंजिलों में फैला हुआ था और ज्ञान का खजाना माना जाता था.

आज भी जिंदा है विरासत

आज नालंदा के खंडहर बिहार में मौजूद हैं, जो इसकी महानता की कहानी बयां करते हैं. यह स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है. हाल के वर्षों में यहां नए रूप में नालंदा विश्वविद्यालय की फिर से स्थापना की गई है, ताकि प्राचीन भारत की शिक्षा परंपरा को दोबारा जीवित किया जा सके.12वीं सदी में आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ने नालंदा पर हमला किया. विश्वविद्यालय को आग के हवाले कर दिया गया. कहा जाता है कि पुस्तकालय में लगी आग कई महीनों तक जलती रही.वह सिर्फ एक इमारत का जलना नहीं था, बल्कि सदियों के ज्ञान, शोध और संस्कृति का नष्ट होना था.उस दिन भारत ने अपने इतिहास का एक अनमोल अध्याय खो दिया.

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल

अबकी बार 400 पार, झारखंड में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

March 1, 2024

अटल विहारी वाजपेई का प्रेरणादायी जीवन!

December 24, 2023
आम आदमी पार्टी

जेल से सरकार चलाने पर आज से AAP की रायशुमारी

December 1, 2023
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • US-इस्राइल के लिए आसान नहीं ईरान का शासन बदलना!
  • दिल्‍ली की बेटियों को मिलेंगे 1 लाख रुपये, माननी होंगी बस ये शर्तें
  • अगर लंबा चला मिडिल ईस्ट में तनाव तो क्या होगा भारत पर असर?

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.