नई दिल्ली। होली का त्योहार नजदीक आते ही चारों तरफ रंगों की बहार छा जाती है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि जिस गुलाल को हम एक-दूसरे को लगाकर खुशियां मनाते हैं, वह केवल मनोरंजन का साधन नहीं है? ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में गुलाल के कुछ ऐसे अचूक उपाय बताए गए हैं, जो आपके जीवन से परेशानियों को दूर कर सुख-समृद्धि ला सकते हैं।
आइए जानते हैं गुलाल के उन गुप्त उपायों के बारे में, जो आपके घर में चमत्कारिक बदलाव ला सकते हैं।
घर के कोनों में क्यों छिड़कें गुलाल?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के कोने ऊर्जा के केंद्र होते हैं। अक्सर इन कोनों में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) जमा हो जाती है, जिससे परिवार में कलह या आर्थिक तंगी बनी रहती है। अगर आप होली के दिन या किसी भी शुभ मुहूर्त में घर के मुख्य कोनों में विशेष रंगों का गुलाल छिड़कते हैं, तो वहां की ऊर्जा शुद्ध हो जाती है।
रंगों के अनुसार गुप्त उपाय
आर्थिक तंगी दूर करने के लिए पीला गुलाल
अगर आप लंबे समय से पैसों की किल्लत महसूस कर रहे हैं, तो पीला गुलाल आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। गुरुवार या होली के दिन घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में थोड़ा सा पीला गुलाल छिड़कें। माना जाता है कि पीला रंग भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और बृहस्पति देव को प्रिय है, और ईशान कोण में इसका छिड़काव धन के मार्ग खोलता है।
तरक्की और सेहत के लिए लाल गुलाल
लाल रंग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है। अगर व्यापार में घाटा हो रहा हो या घर में कोई बार-बार बीमार पड़ रहा हो, तो घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर लाल गुलाल से स्वास्तिक बनाएं। इससे घर में देवी लक्ष्मी का आगमन होता है और नकारात्मक शक्तियां बाहर ही रुक जाती हैं।
मानसिक शांति के लिए हरा और नीला रंग
अगर घर में हमेशा तनाव का माहौल रहता है, तो घर की उत्तर दिशा में हरा गुलाल छिड़कना शुभ माना जाता है। यह बुध ग्रह को शांत करता है और परिवार के सदस्यों के बीच संवाद को बेहतर बनाता है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम दिशा में हल्का नीला या सफेद गुलाल छिड़कने से राहु-केतु के दोष कम होते हैं।
उपाय करते समय रखें इन बातों का ध्यान
गुलाल का उपाय करते समय आपका मन साफ होना चाहिए। हमेशा प्राकृतिक और शुद्ध गुलाल का ही उपयोग करें। यह छिड़काव करने के बाद कुछ देर उसे वहां रहने दें और फिर बाद में साफ कर लें।







