नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 15 अप्रैल को एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान से लड़ाई खत्म होने के बहुत करीब है। उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार शांति समझौता करने के लिए तैयार है। उनके इस बयान से यह माना जा रहा है कि अमेरिका का रुख अब नरम हो रहा है। इससे पहले ट्रंप ने ईरान के बारे में आक्रामक रुख दिखाया था।
ट्रंप ने कहा कि लड़ाई खत्म होने के काफी करीब
ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस की एक एंकर को दिए इंटरव्यू में कहा, “हमने उन्हें बुरी तरह पराजित किया है। मुझे लगता है कि यह लड़ाई खत्म होने के करीब है। मेरा मानना है कि हम लड़ाई के अंत के काफी नजदीक हैं…लड़ाई जारी रही तो ईरान को दोबारा खड़ा करने में 20 साल से ज्यादा वक्त लगेगा।” उन्होंने कहा कि वे (ईरान) समझौते के लिए बेकरार हैं। यह इंटरव्यू प्री-रिकॉर्डेड था।
लड़ाई खत्म होने की उम्मीद में शेयर बाजारों में तेजी
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब मार्केट को इस लड़ाई के जल्द खत्म हो जाने की उम्मीद दिख रही थी। 13 अप्रैल और 14 अप्रैल को अमेरिकी बाजारों में तेजी दिखी थी। 15 अप्रैल को भारतीय बाजार में जबर्दस्त रिकवरी आई। हालांकि, पिछले हफ्ते के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में चल रही बातचीत बेनतीजा रही थी।
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को सही बताया
ट्रंप ने इंटरव्यू में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को सही बताया। उन्होंने कहा कि हमें उन्हें परमाणु हथियार बनाने से रोकना होगा। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल के बारे में उन्होंने कहा कि सप्लाई में बाधा की वजह से क्रूड में उछाल आया था। अब कीमतों में जल्द गिरावट आएगी। उन्होंने कहा कि लड़ाई खत्म होने से शेयर बाजारों में बड़ी तेजी आएगी। सूत्रों का कहना है कि अमेरिका और ईरान में दूसरे दौर की बातचीत जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
मध्यपूर्व की लड़ाई का असर कई एसेट क्लास पर पड़ रहा
अमेरिका-ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। इसका असर ज्यादातर एसेट्स क्लास पर पड़ा है। इस लड़ाई की वजह से शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई थी। सोने और चांदी कीमतों में भी बड़ी कमजोरी आई। उधर, क्रूड ऑयल की कीमतें लंबे समय बाद 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। हालांकि, बाद में कीमतें कुछ नरम पड़ी। लेकिन, मार्च में ज्यादातर समय क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर से ऊपर बनी रही। उधर, सरकारी बॉन्ड की कीमतों में गिरावट आई। डॉलर इंडेक्स में मजबूती दिखी।
पश्चिम एशिया में लड़ाई से भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ीं
भारत में भी अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर दिखा। एलपीजी की सप्लाई में बाधा आई। हालांकि, सरकार ने जल्द स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की, जिसके अच्छे नतीजे दिखे। लेकिन, लड़ाई की वजह से पीएनजी सहित एनर्जी की कीमतो में इजाफा देखने को मिला। ऑयल कंपनियों ने ईंधन की कीमतें बढ़ा दीं। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों ने नॉर्मल पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लड़ाई खत्म होने से क्रूड की कीमतों में नरमी आ सकती है। साथ ही इसकी सप्लाई भी धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।







