प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
देहरादून: उत्तराखंड के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति आज भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। चमोली जिले के विकासखंड देवाल स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर स्थानीय लोगों ने लंबे समय से अपनी नाराज़गी और परेशानी जाहिर की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव जैसी आवश्यक सुविधाएं, जांच सेवाएं और पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता आज भी संतोषजनक नहीं है। कई बार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिक उपचार के लिए भी 30 से 35 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ता है, लेकिन वहां पहुंचने के बाद भी समुचित इलाज नहीं मिल पाता।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र के लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी आवाज़ उठाई और मुख्यमंत्री से इस क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की अपील की। हालांकि, लोगों का कहना है कि अब तक स्थिति में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला है।
ग्रामीणों की मांग है कि “प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल में डॉक्टरों की नियमित तैनाती, प्रसव कक्ष की बेहतर व्यवस्था, जांच सुविधाओं का विस्तार और आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्र की जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संघर्ष न करना पड़े।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं और देवाल क्षेत्र की जनता को राहत मिलती है।







