Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home राज्य

रायगढ़ा में नियमों की धज्जियां उड़ा रही वेदांता!

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
April 28, 2026
in राज्य, विशेष
A A
Vedanta through fraudulent Gram Sabhas
21
SHARES
687
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

रायगढ़ा: ओडिशा के रायगढ़ा और कालाहांडी जिलों की सीमा पर स्थित सिजीमाली पर्वत श्रृंखला आज एक सुलगते हुए संघर्ष का मैदान बन चुकी है। अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और हरी-भरी वादियों के कारण ‘ओडिशा का न्यूज़ीलैंड’ कहे जाने वाले इस क्षेत्र को अब कॉर्पोरेट मुनाफे की नजर लग गई है। आरोप है कि सरकार और प्रशासन की मिलीभगत से धोखाधड़ी करके, पीढ़ियों से यहां रह रहे आदिवासियों की जमीनें छीनकर बॉक्साइट खनन के लिए वेदांता समूह (Vedanta Group) को दी जा रही हैं। इस सौदे ने न सिर्फ आदिवासियों के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है, बल्कि दो राज्यों की कृषि व्यवस्था के लिए भी एक बड़ा पारिस्थितिक (Ecological) खतरा पैदा कर दिया है।

Vedanta through fraudulent Gram Sabhas

इन्हें भी पढ़े

स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल

चमोली के देवाल में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल, 35 किमी सफर के बाद भी नहीं मिलता इलाज, जनता ने उठाई आवाज़।

April 28, 2026
Petrol-Diesel

इस राज्य में 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद, मचा हड़कंप

April 27, 2026
Kedarnath, Badrinath

चारधाम यात्रा की रील्स बनाने वालों पर एक्शन, 4 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

April 27, 2026
electricity

उत्तराखंड : भीषण गर्मी के बीच 30 अप्रैल तक बिजली कटौती, UPCL ने दी ये दलील

April 27, 2026
Load More

स्थानीय आदिवासियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का सबसे गंभीर आरोप यह है कि वेदांता इस परियोजना के लिए नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। लगभग 1,549 हेक्टेयर में फैले और 311 मिलियन टन बॉक्साइट रिज़र्व वाले इस प्रोजेक्ट के लिए जिस तरह से अनुमतियां ली गई हैं, वे गहरे सवालों के घेरे में हैं। प्रशासन ने दिसंबर 2023 में आठ ग्राम सभाओं से खनन के लिए सहमति मिलने का दावा किया था, लेकिन आरटीआई (RTI) से यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये सभी आठ बैठकें एक ही दिन और एक ही समय पर आयोजित दिखाई गईं, जो व्यावहारिक और भौगोलिक रूप से पूरी तरह असंभव है। इसके अलावा, ग्रामीणों का आरोप है कि सहमति पत्रों में नाबालिग बच्चों, मृत लोगों और बाहरी व्यक्तियों के नाम शामिल किए गए हैं। सच्चाई सामने आने के बाद गांवों ने दोबारा बैठक कर खनन के खिलाफ प्रस्ताव भी पारित किया है।

Vedanta Flouts Norms in Rayagada!

नियमों की अनदेखी यहीं नहीं रुकती। फॉरेस्ट एडवाइजरी कमेटी ने 708 हेक्टेयर वन भूमि के लिए ‘स्टेज-I’ (सैद्धांतिक) मंजूरी की सिफारिश जरूर की है, लेकिन अब तक ‘स्टेज-II’ की अंतिम और अनिवार्य मंजूरी नहीं मिली है। यहां तक कि खनन क्षेत्र तक जाने वाली सड़क निर्माण की वन अनुमति भी पेंडिंग है। पर्यावरण कानूनों के मुताबिक, अंतिम मंजूरी के बिना किसी भी तरह की खनन गतिविधियां शुरू नहीं की जा सकतीं, फिर भी जमीन पर काम शुरू करने और आदिवासियों को बेदखल करने का दबाव बनाया जा रहा है।

Vedanta through fraudulent Gram Sabhas

सत्ता और कॉर्पोरेट के इस गठजोड़ का सबसे खौफनाक रूप सिजीमाली के 18 से अधिक प्रभावित गांवों में देखने को मिल रहा है। जो प्रशासन स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए जवाबदेह है, वह अब वेदांता के लिए ‘एजेंट’ की तरह काम करता दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें खुलेआम धमकाया जा रहा है और पुश्तैनी जमीनें छोड़ने की हिदायत दी जा रही है। संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासी बहुल क्षेत्रों को मिले अधिकारों को दरकिनार कर एक निजी कंपनी को बेजा फायदा पहुंचाया जा रहा है।

Vedanta through fraudulent Gram Sabhas

सिजीमाली में खनन का सबसे भयानक असर यहां के संवेदनशील पर्यावरण और जल स्रोतों पर पड़ेगा। सिजीमाली पहाड़ सिर्फ मिट्टी और पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि एक विशाल प्राकृतिक ‘वॉटर टैंक’ है। बॉक्साइट खनिज की छिद्रपूर्ण (Porous) प्रकृति के कारण ये पहाड़ बारिश के पानी को स्पंज की तरह सोख लेते हैं और फिर उसे धीरे-धीरे छोड़ते हैं। इसी प्राकृतिक स्पंज प्रणाली से 200 से अधिक बारहमासी जलधाराएं निकलती हैं, जो आगे चलकर नागावली और वंशधारा जैसी विशाल नदियों का निर्माण करती हैं। ये नदियां न केवल ओडिशा बल्कि पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के लाखों किसानों के लिए जीवनरेखा हैं। यदि यहां खनन हुआ, तो पहाड़ों का यह ‘स्पंज’ नष्ट हो जाएगा और ये नदियां हमेशा के लिए सूख जाएंगी।

Vedanta through fraudulent Gram Sabhas

यह पूरा मुद्दा सिर्फ पर्यावरण या अर्थव्यवस्था का नहीं, बल्कि स्थानीय कोंध, परजा आदिवासियों और डोम दलित समुदाय की आस्था का भी है। यह पहाड़ उनके आराध्य देव ‘तिज राजा’ का पवित्र निवास है। आदिवासी पीढ़ियों से प्रकृति को बिना नुकसान पहुंचाए यहां रह रहे हैं। आज चंद मुनाफे के लिए लाखों पेड़ों की बलि चढ़ाकर उन्हें शहरों में दिहाड़ी मजदूर बनने पर विवश किया जा रहा है। साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक आदेश के बाद ग्राम सभाओं की सहमति न मिलने पर वेदांता का नियामगिरि प्रोजेक्ट रोक दिया गया था। आज सिजीमाली के आदिवासी भी उसी तरह की न्यायपूर्ण जीत की उम्मीद कर रहे हैं और शासन-प्रशासन से यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या ‘ओडिशा के न्यूज़ीलैंड’ को उजाड़ कर ही विकास की इमारत खड़ी की जाएगी?

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
Ayodhya

राम हमारे भीतर प्रकाशित ज्योति के प्रतीक

January 16, 2024

चुनावी राजनीति : स्मृति ईरानी के राहुल नाम रटने के क्या हैं मायने?

April 29, 2024
bihar

बिहार चुनावी सर्वेक्षण 2025: कौन बनेगा मुख्यमंत्री? कौन किस पर हावी ?

October 25, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • चमोली के देवाल में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल, 35 किमी सफर के बाद भी नहीं मिलता इलाज, जनता ने उठाई आवाज़।
  • ‘एग्जाम’ खोलेगी कॉम्पिटिटिव एग्जाम का काला चिट्ठा! सीरीज 15 मई होगी स्ट्रीम
  • बीजेपी में शामिल होने के बाद आया स्वाति मालीवाल का पहला बयान!

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.