प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा सत्र के दौरान कथित रूप से नशे में होने के आरोप लगे हैं। यह आरोप नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने लगाया, जिसके बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल उठाए। बाजवा ने कहा कि यदि राज्य का मुख्यमंत्री ही नशे की हालत में हो, तो विधानसभा सत्र आयोजित करने का उद्देश्य क्या रह जाता है। उन्होंने सभी विधायकों के डोप टेस्ट कराने की मांग भी उठाई।
इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल एकजुट नजर आए। कांग्रेस विधायकों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट किया और स्पीकर से मामले की जांच की मांग की। साथ ही, पार्टी ने PGIMER द्वारा स्वतंत्र मेडिकल जांच कराने की भी मांग रखी।
अल्कोहल टेस्ट कराने की मांग
कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने भी मुख्यमंत्री का अल्कोहल टेस्ट कराने की मांग दोहराई। वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए इसे “शर्मनाक” करार दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल को भी निशाने पर लिया और कहा कि उन्हें इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। हालांकि, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल, यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है और आरोपों की पुष्टि के लिए किसी स्वतंत्र जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आई है।







