संभल। नखासा थाना क्षेत्र के गांव कसेरुआ में कब्रिस्तान और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में राजस्व विभाग ने मौके पर पैमाइश की। तहसीलदार न्यायालय ने कब्जे में बनी मस्जिद को हटाने के आदेश दिए हैं, जिसके खिलाफ मस्जिद कमेटी ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की है। प्रशासन ने मौके पर पैमाइश कर अवैध निर्माण की पुष्टि की है।
गांव कसेरुआ में कब्रिस्तान और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। शुक्रवार की दोपहर करीब दो बजे तहसीलदार धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने गांव पहुंचकर विवादित भूमि की पैमाइश कराई। इस दौरान नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल, कानूनगो और लेखपालों की टीम भी मौजूद रही।
पैमाइश के दौरान पाया गया कि गाटा संख्या 409 कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है, लेकिन इस भूमि पर एक मस्जिद और तीन मकान बने हुए हैं। इसके अलावा गाटा संख्या 410, जो खाद के गड्ढे की भूमि है, उस पर करीब 600 वर्गमीटर क्षेत्र में आठ मकान बने मिले।
वहीं गाटा संख्या 411, जो पौधारोपण के लिए निर्धारित है, वहां लगभग 1,001 वर्गमीटर क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा खेती की जा रही है। तहसीलदार धीरेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर इस भूमि की जांच कराई गई थी।
करीब 1,100 से 1,200 वर्गमीटर क्षेत्र में बनी मस्जिद कब्रिस्तान की जमीन पर स्थित है, जो नियमों के विरुद्ध है। कमेटी के सदस्यों ने धोखाधड़ी से मस्जिद को मस्जिद सुन्नी वक्फ बोर्ड में भी दर्ज करा लिया था। अवैध कब्जे में एक मस्जिद, 11 मकान और करीब 1,000 वर्गमीटर में खेती पाई गई है।
अभिलेखों की जांच में स्पष्ट हुआ कि कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया है। इस पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत कार्रवाई करते हुए बेदखली का आदेश पारित किया गया है। कहा कि मस्जिद कमेटी की ओर से ऐसा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
जिससे यह साबित हो सके कि निर्माण उनकी निजी भूमि पर हुआ है। हालांकि, कमेटी ने इस आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर कर दी है। ऐसे में अंतिम निर्णय आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ने कहा कि ग्राम समाज की भूमि पर मकान बनाकर कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस जारी कर दिया है।
यदि वे स्वयं अतिक्रमण हटा लेते हैं तो ठीक, वरना उनके खिलाफ भी धारा 67 के तहत कार्रवाई करते हुए बेदखली की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मामले में पहले ही 18 जनवरी 2026 को लेखपाल खाबर हुसैन की तहरीर पर नखासा थाना पुलिस ने कमेटी के सदस्य जाकिर हुसैन, तस्लीम, भूरे, शरफुद्दीन, दिल शरीफ, मोहम्मद अली और नन्हें समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।







