नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की नई सरकार एक बार फिर कोलकाता की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले ‘राइटर्स बिल्डिंग’ को राज्य सचिवालय के रूप में जीवंत करने की तैयारी में जुट गई है. ब्रिटिश दौर की यह प्रतिष्ठित इमारत लंबे समय तक बंगाल की सत्ता का केंद्र रही, लेकिन 2013 में ममता बनर्जी सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को यहां से हटाकर हावड़ा के शिबपुर स्थित आधुनिक इमारत ‘नबन्ना’ में शिफ्ट कर दिया था. नबन्ना को उस समय एक आधुनिक और सुविधाजनक प्रशासनिक केंद्र के तौर पर पेश किया गया था. इसके बाद से राज्य सरकार के ज्यादातर विभाग वहीं से संचालित हो रहे हैं.
हालांकि, अब नई सरकार ऐतिहासिक विरासत और प्रशासनिक पहचान को फिर से मजबूत करने के उद्देश्य से राइटर्स बिल्डिंग को दोबारा सचिवालय बनाने की दिशा में काम कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, इमारत के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, ताकि इसकी ऐतिहासिक संरचना को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके. राइटर्स बिल्डिंग सिर्फ एक सरकारी दफ्तर नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीतिक और सांस्कृतिक विरासत का भी अहम प्रतीक मानी जाती है. अगर यह योजना पूरी तरह लागू होती है, तो करीब एक दशक बाद राज्य प्रशासन की गतिविधियां फिर से कोलकाता के दिल में लौट सकती हैं.
1777 में ईस्ट इंडिया कंपनी के क्लर्कों का दफ्तर थी इमारत
पश्चिम बंगाल की उस ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग्स को फिर से राज्य सचिवालय के रूप में जीवित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है, जो साल 1777 में ईस्ट इंडिया कंपनी के क्लर्कों के दफ्तर के तौर पर बनी यह औपनिवेशिक इमारत कभी बंगाल शासन का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करती थी. दशकों तक यहीं से राज्य की सत्ता संचालित हुई.
राइटर्स बिल्डिंग्स के पुनर्निर्माण और मरम्मत की योजनाएं तो बनीं, लेकिन काम बेहद धीमी गति से आगे बढ़ता रहा. अब माना जा रहा है कि संभावित बीजेपी सरकार इस ऐतिहासिक भवन को फिर से सत्ता का केंद्र बनाने के लिए गंभीर है. सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार नबान्ना से काम करने के पक्ष में नहीं दिख रही और इसी वजह से राइटर्स बिल्डिंग्स को जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
राइटर्स बिल्डिंग के रेनोवेशन का तेजी से हो रहा काम
लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं. इस इमारत की मरम्मत, कार्यालयों की व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही है. बुधवार को पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने राइटर्स बिल्डिंग्स का दौरा किया. इस दौरान अलग-अलग मंजिलों का निरीक्षण किया गया, मरम्मत कार्य की स्थिति देखी गई और सुरक्षा व्यवस्था में किन बदलावों की जरूरत होगी, इसका आकलन किया गया.
बताया जा रहा है कि नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रियों के यहीं से काम करने की संभावना को ध्यान में रखते हुए तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं. राजनीतिक रूप से भी यह कदम बेहद प्रतीकात्मक माना जा रहा है, क्योंकि राइटर्स बिल्डिंग्स बंगाल की प्रशासनिक और ऐतिहासिक पहचान का अहम हिस्सा रही है.







