नई दिल्ली। तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक सस्पेंस खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। TVK चीफ और एक्टर विजय ने शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने की मंजूरी अभी नहीं मिल सकी है। राज्यपाल अभी दो पार्टियों के समर्थन पत्र का इंतजार कर रहे हैं. इसलिए उनकी तरफ से शपथग्रहण का दिन और टाइम तय नहीं है। जानकारी के मुताबिक, विजय शनिवार को सीएम की शपथ लेने वाले हैं।
सरकार बनान में फिर फंसा पेंच
तमिलनाडु लोकभवन के सूत्रों का कहना है कि थलपति विजय बहुमत साबित नहीं कर पाए हैं। इसलिए उन्हें कल शपथ लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है। एक्टर विजय के बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने के लिए चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में तैयारियां चल रही हैं। सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके समर्थन देने की स्थिति में विजय की टीवीके को बहुमत मिल रहा था। अब वीसीके के पत्र में विधायकों के दस्तखत नहीं होने की दावा किया जा रहा है। VCK और IUML का समर्थन पत्र (विधायकों के साइन वाला लेटर) राज्यपाल को नहीं मिला है। जानकारी मिली है कि VCK ने समर्थन जताने के लिए डिप्टी सीएम का पद मांग की है। ऐसी स्थिति में मामल फिर फंस गया है।
इन दो पार्टियों ने किया था समर्थन का ऐलान
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने आधिकारिक तौर पर विजय को समर्थन देने का ऐलान किया है। वहीं, ऐसी खबरें भी सामने आईं कि विदुथलाई चिरुथैगल काची ने भी टीवीके को समर्थन दिया है। दूसरी तरफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने कहा कि वह सरकार बनाने की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, विजय शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
जादुई आंकड़े से पीछे हैं विजय
यह स्थिति तब सामने आई जब टीवीके प्रमुख विजय ने लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन अपने दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के बहुमत से पीछे रह गई थी। हालांकि बाद में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और विदुथलाई चिरुथैगल काची के समर्थन के बाद टीवीके ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया।
क्या है नंबर गेम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और विदुथलाई चिरुथैगल काची ने टीवीके को समर्थन दिया। इन तीनों पार्टियों ने 2-2 सीटें जीती थीं। कांग्रेस की 5 सीटों के साथ मिलकर टीवीके का आंकड़ा 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के जरूरी 118 सीटों तक पहुंच गया। विजय ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के दफ्तरों का दौरा भी किया। उन्होंने सरकार बनाने के लिए समर्थन देने पर वामपंथी नेताओं का धन्यवाद किया। यह पहली बार था जब विजय ने कम्युनिस्ट पार्टियों के कार्यालयों का दौरा किया।
हालांकि विदुथलाई चिरुथैगल काची ने तुरंत टीवीके को समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा नहीं की, लेकिन पार्टी प्रमुख थोल थिरुमावलवन कई बार कह चुके हैं कि उनकी पार्टी वही रुख अपनाएगी, जो वामपंथी पार्टियां लेंगी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर राज्य में सरकार बनाने के लिए टीवीके को अपना समर्थन देने की बात कही। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने विजय की पार्टी को कुछ शर्तों के साथ समर्थन दिया। पार्टी ने कहा कि यह कदम तमिलनाडु में स्थिर, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक सरकार सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद टीवीके को 108 सीटें मिली थीं। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी, यानी पार्टी बहुमत से 10 सीट पीछे रह गई थी।
विजय के साथ कांग्रेस
हालांकि कांग्रेस ने अपनी 5 सीटों के साथ टीवीके को समर्थन दे दिया और द्रविड़ मुनेत्र कषगम के साथ अपना कई साल पुराना गठबंधन तोड़ लिया। इसके बाद टीवीके की कुल सीटें बढ़कर 112 हो गईं। कांग्रेस के समर्थन के बाद भी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया। इसे लेकर टीवीके नेताओं ने नाराजगी जताई और राज्यपाल पर सवाल उठाए। वहीं, कई दूसरी पार्टियों ने भी राज्यपाल से मांग की है कि विजय को सरकार बनाने का मौका दिया जाए और विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट कराया जाए।
दूसरी तरफ, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने गुरुवार को टीवीके प्रमुख विजय को लोक भवन बुलाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का समर्थन अभी साफ तौर पर साबित नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए जरूरी “जादुई आंकड़े” को लेकर स्पष्टीकरण मांगा और विजय से उन विधायकों की जानकारी देने को कहा, जो टीवीके के समर्थन में हैं। हालांकि अब दूसरी पार्टियों के समर्थन के बाद टीवीके ने विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लिया है।







