नई दिल्ली। भारत में श्रम सुधार को लेकर कई सालों से चर्चा जारी है. इसी कड़ी में अब देश में श्रम सुधारों को लेकर एक बड़े अध्याय की शुरुआत हो चुकी है. हाल ही में केंद्र सरकार ने चार नए लेबर कोड के आखिरी नियमों को पूरी तरह से अधिसूचित यानी (Notified) किया है. दरअसल, इन चार नए नियमों में वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यावसायिक सुरक्षा, अब पुराने कानून नियमों की जगह लेने वाले हैं.
टेक-होम सैलरी में आएगी कमी
केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए नए नियमों के तहत, अब आपकी बेसिक सैलरी आपके कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50 प्रतिशत होना बेहद ही अनिवार्य कर दिया गया है. लेकिन, इस बात का भी खास ध्यान रखें कि, अगर आपकी बेसिक सैलरी बेहद ही कम है तो उसे बढ़ाने की कोशिश करना होगा. इसके तहत आपका PF योगदान बढ़ाने में बेहद ही मदद करेगा. इसके अलावा अगर आपको हाथ में वेतन दिया जाता है तो, रिटायरमेंट फंड और ग्रेच्युटी की राशि में ज्यादा बढ़ने के विकल्प भी देखने को मिल सकते हैं.
ग्रेच्युटी के नियमों में किए गए बड़े बदलाव
तो वहीं, केंद्र सरकार ने नए लेबर कोड के नियमों को ध्यान में रखते हुए ग्रेच्युटी के नियमों में भी बड़े बदलाव किए हैं. जहां, अब ‘फिक्स्ड टर्म’ यानी अनुबंध (Contract) पर काम करने वाले कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के लिए 5 साल के लंबे इंतजार की प्रक्रिया को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. अगर उन्होंने एक साल की सेवा पूरी की है तो वह भी ग्रेच्युटी के पूरी तरह से हकदार होंगे.
वर्किंग आवर्स के साथ मिल सकेंगी छुट्टियां
इस नए लेबर कोड के नियमों के मुताबिक, अब सप्ताह में कुल वर्किंग आवर्स की सीमा 48 घंटे तय की गई है. यानी अगर, कंपनियां चाहें तो 4 दिन का वर्क वीक अपना सकती हैं, जिसके लिए कंपनियों को कर्मचारियों को 3 साप्ताहिक छुट्टियां देना बेहद ही अनिवार्य होगा. इतना ही नहीं, अगर कोई भी कर्मचारी य घंटों से ज्यादा काम करता है, तो उसे सामान्य दर से दोगुना वेतन (Double Overtime) का हिस्सा देना होगा. तो वहीं, अब साल में 180 दिन कड़ी मेहनत के साथ काम करने पर कर्मचारी छुट्टी (Earned Leave) के हकदार होंगे.
महिलाओं को दिया गया समान अवसर
नए कोड में महिलाओं को नाइट शिफ्ट यानी (शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे के बीच) में काम करने की फिलहाल, अनुमति दी गई है. इसके अलावा पुरुष और महिला कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन की गारंटी भी दी गई है.







