नई दिल्ली: 11 मई को नेशनल काउंसिल ऑफ दी ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM) की 49 मीटिंग हुई। इस पर सरकारी कर्मचारियों की नजर बनी हुई थी। यह मीटिंग कैबिनेट सेक्रटरी टीवी सोमनाथन और अन्य सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ है। आइए जानते हैं कि इस मीटिंग की क्या बड़ी बातें रही हैं?
1-2004 के कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम का फायदा
इस मीटिंग में ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर गंभीर चर्चा हुई। स्टाफ की तरफ से आए प्रतिनिधियों का कहना है कि 22 दिसंबर 2003 से पहले निकाली गई वैकेंसी पर नियुक्त हुए कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का फायदा मिलना चाहिए। स्टाफ साइड की तरफ से कहा गया है कि अगर कर्मचारियों ने कटऑफ तारीख से पहले नियुक्ति हासिल की है तो उन्हें इसका फायदा मिले।
रिपोर्ट के अनुसार सेक्रटरी DOE / DOP&PW ने इसे लागू करने पर सहमति दी है। जोकि कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है।
2- पेंशनर्स के मुद्दे 8वें वित्त आयोग को भेजे जाएंगे
कर्मचारी संगठन मौजूदा पेंशन में रिवीजन की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा पेंशन में इजाफा और 8वें वित्त आयोग के संदर्श शर्तों में पेंशन से जुड़े मुद्दों को शामिल करना।
3- मेडिकल ट्रीटमेंट पर राहत
स्टाफ साइड ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेशनर्स के इलाज पर होने वाले खर्च का पूरा भुगतान करने की वकालत इस मीटिंग में पुरजोर तरीके से की। इस मीटिंग में कहा गया है कि हियरिंग एड के रीइम्बर्समेंट रेट्स को पिछले एक दशक से ज्यादा समय से बदला नहीं गया है।
4- प्रमोशन में देरी का मुद्दा
डिपार्टमेंट के अंदर प्रमोशन में हो रही देरी का भी मुद्दा उठाया गया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि डिपार्टमेंट के अंदर के प्रमोशन के लिए कर्मचारियों को सालों का इंतजार करना पड़ता है।
5- आउटसोर्सिंग का मुद्दा
इस मीटिंग में कर्मचारी संगठनों ने लगातार हो रहे आउटसोर्सिंग को मुद्दा भी उठाया। कर्मचारी संगठन का कहना है कि आउटसोर्सिंग पर निर्भरता बढ़ रही है। दलील दी गई की काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। लेकिन पर्मानेंट कर्मचारियों की नियुक्ति उस रफ्तार से नहीं हो रही है। हालांकि, इसको लेकर कोई भी बड़ा ऐलान नहीं किया गया। आने वाले समय में इसे टॉप अधिकारियों के बीच उठाया जाएगा।






