नई दिल्ली। देहरादून में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) बनाने में भाजपा-कांग्रेस सबसे आगे हैं। सीपीआई (एम) भी दिख रही है लेकिन उतराखंड क्रांति दल (यूकेडी) नहीं दिख रही है। बीएलओ तीन बार आपके घर पर दस्तक देंगे। 8 जून से घर-घर फॉर्म वितरण से लेकर 15 सितंबर तक अंतिम मतादाता सूची प्रकाशित होगी।
डीएम व जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने एसआईआर को लेकर कलक्ट्रेट में शुक्रवार को सियासी दलों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया, 10 विधानसभा क्षेत्रों के 1,882 बूथों पर भाजपा ने 1,839, कांग्रेस ने 1,717 तथा सीपीआई(एम) ने 378 बीएलए-2 नियुक्त कर दिए हैं। अन्य मान्यता प्राप्त दलों ने अभी नियुक्ति नहीं की है।
सियासत के जानकारों का मानना है कि उत्तराखंड की राजनीति में यूकेडी को जनता के बीच तीसरे विकल्प के रूप में पेश किया जाता है। लेकिन पार्टी स्तर पर बीएलए-2 नियुक्त नहीं करने से इस धारणा को झटका ही लगेगा। उधर, डॉ.चौहान ने दलों से सात जून से पहले बीएलए-2 बनाने को कहा। साथ ही बताया, प्री-एसआईआर में जिले के 13,76,813वोटरों में से 11,06,652 (80.38%)की मैपिंग पूरी हो चुकी है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदण्डे ने शुक्रवार को सचिवालय में मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ का तीन चरणों में प्रशिक्षण, गणना फार्मों की शत प्रतिशत प्रिंटिंग पूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि एसआईआर में अर्हता तिथि एक जुलाई 2026 है। 11733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष सियासी दलों ने 22823 बीएलए तैनाती कर दिए हैं। डॉ. जोगदण्डे की अध्यक्षता में शुक्रवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर को लेकर विस्तृत चर्चा की। डॉ. जोगदण्डे ने सभी दलों से शत प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स नियुक्त करने की अपील की।
जोगदण्डे ने बताया कि प्रदेश में 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं को गणना फार्म दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मतदाता स्वयं भी ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से फार्म डाउनलोड कर और भरकर अपलोड कर सकते हैं। इस प्रकिया के दौरान अगर कोई भी पात्र व्यक्ति, मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं तो वे बीएलओ से संपर्क कर फार्म 6 भर सकते हैं। आपत्तियों के निस्तारण के समय उनके फार्मों पर विचार होगा।
यहां देखें पुरानी वोटर लिस्ट
मतदाताओं की सुविधा को वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने या अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा है।
कब क्या होगा
- 8 जून से 7 जुलाई: बीएलओ घर-घर जाकर गणना फार्म वितरित करेंगे। भरे हुए फार्म लेंगे। फार्मों को बीएओ ऐप से डिजिटाइज कर अपलोड करेंगे
- 14 जुलाई: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन
- 14 जुलाई से 13 अगस्त: दावे और आपत्तियां दर्ज होंगी
- 11 सितंबर: दावे और आपत्ति पर नोटिस और निस्तारण होगा
- 15 सितंबर: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
मां-बेटी को बीएलओ बनाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
बैठक में कांग्रेस की प्रदेश महासचिव गोदावरी थापली ने पुरकुल के बूथ नंबर 106 में मां-बेटी को बीएलओ और सहायक बीएलओ की जिम्मेदारी देने पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों को जिम्मेदारी देकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कांग्रेस ने सहायक बीएलओ की श्रेणी में ‘सक्रिय कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों’ को शामिल करने का विरोध करते हुए मांग की कि इस पद पर सरकारी कर्मचारियों को रखा जाए।
इस पर प्रशासन ने बताया कि सहायक बीएलओ केवल मुख्य बीएलओ की मदद के लिए रखे गए हैं, क्योंकि वे स्थानीय स्तर पर लोगों को ढंग से पहचानते हैं। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह,सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली, भाजपा, कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।







