नई दिल्ली। करीब एक साल बाद विपक्षी INDIA गठबंधन की अहम बैठक सोमवार (8 जून) को दिल्ली के संविधान क्लब में हुई. बैठक में 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सांसद सहित कुल 24 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. सूत्रों के मुताबिक बैठक में 2029 लोकसभा चुनाव, चुनावी पारदर्शिता, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों के मुद्दे और विपक्षी एकजुटता को लेकर विस्तृत चर्चा हुई.
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गठबंधन पांच प्रमुख बिंदुओं पर सहमत हुआ है और उन पर संयुक्त रूप से संघर्ष करेगा. विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने, तथा अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करने का फैसला किया. साथ ही यह भी तय हुआ कि INDIA गठबंधन की बैठक अब हर दो महीने में होगी और संसद के भीतर समन्वय लगातार जारी रखा जाएगा.
सूत्रों के अनुसार बैठक में राहुल गांधी का रुख बेहद सकारात्मक और आक्रामक दोनों रहा. उन्होंने चुनावी धांधली का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि यदि कुछ सहयोगी दल चुनावी गड़बड़ियों को आंशिक मानते हैं तो उनका मानना है कि यह समस्या कहीं अधिक गंभीर है. राहुल गांधी ने गठबंधन सहयोगियों से कहा कि INDIA गठबंधन को “Love and Affection” यानी प्रेम, स्नेह और आपसी सम्मान के साथ आगे बढ़ाना होगा.
राहुल गांधी ने विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि पश्चिम एशिया संकट पर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट नहीं रहा. भारत-अमेरिका समझौते को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के हितों से समझौता किया है. उन्होंने कहा कि आर्थिक मोर्चे पर सरकार विफल रही है और पेपर लीक जैसे मामलों में युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है. राहुल ने विपक्षी दलों से संसद से सड़क तक संयुक्त आंदोलन चलाने का आह्वान किया.
सहयोगी दलों ने क्या कहा?
सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वोट चोरी को बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि विपक्षी एकजुटता समय की जरूरत है और कांग्रेस को सभी सहयोगियों को साथ लेकर चलना होगा. राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष को अभी से 2029 लोकसभा चुनाव पर फोकस करना चाहिए और सड़क पर संघर्ष को तेज करना होगा.
सूत्रों के मुताबिक शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गठबंधन की बैठकों को अधिक नियमित करने और बेहतर समन्वय व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले ने महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों के संयुक्त संघर्ष पर जोर दिया.
सूत्रों से नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन को जोड़ने वाली “ग्लू” की भूमिका निभा सकती है और सभी दलों को सामूहिक आत्ममंथन के साथ 2029 की रणनीति तैयार करनी होगी. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया पर मजबूत और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने की जरूरत बताई. सूत्रों से मुताबिक निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का सुझाव रखा.
ममता बनर्जी ने उठाया बंगाल का मुद्दा
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और राज्य की राजनीतिक स्थिति का मुद्दा उठाया. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने चुनावी प्रक्रिया, हिंसा और विपक्ष की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की. ममता ने कहा कि विपक्ष को जमीनी स्तर पर संघर्ष तेज करना होगा और जनता के बीच जाकर राजनीतिक लड़ाई लड़नी होगी.
450 सीटों पर शुरुआती चर्चा
बैठक में सूत्रों का दावा है कि विपक्षी दलों के बीच आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर लगभग 450 सीटों पर प्रारंभिक स्तर की चर्चा भी हुई. गठबंधन के नेताओं ने 2029 की लड़ाई के लिए अभी से राजनीतिक जमीन तैयार करने पर सहमति जताई.
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राजद, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, झामुमो, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी), सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई (माले), आरएसपी, आईयूएमएल, वीसीके, एमडीएमके, केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (एम), आरएलपी, भारत आदिवासी पार्टी, लोक दल, फॉरवर्ड ब्लॉक, शेतकरी कामगार पक्ष और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उद्धव ठाकरे ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया.
INDIA गठबंधन की इस बैठक को विपक्ष की ओर से 2029 लोकसभा चुनाव की तैयारी और साझा राजनीतिक एजेंडा तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.







