नई दिल्ली। एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों को बड़ी राहत दी है. संगठन ने विशेष परिस्थितियों में PF खाते से 100 फीसदी रकम निकालने की प्रक्रिया को आसान बना दिया है. नए नियम के तहत पात्र सदस्य अब बिना कोई विशेष कारण बताए भी पूरा फंड निकाल सकेंगे. EPFO का कहना है कि इस बदलाव से क्लेम रिजेक्ट होने के मामलों में कमी आएगी और जरूरतमंद कर्मचारियों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी.
मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, EPFO ने सदस्य-अनुकूल सुधारों के तहत PF निकासी के नियमों में बदलाव किया है. पहले विशेष परिस्थितियों में पूरा PF निकालने के लिए सदस्य को निकासी का कारण बताना पड़ता था. साथ ही कई मामलों में संबंधित दस्तावेज और प्रमाण भी जमा करने होते थे. कारण मान्य श्रेणी में नहीं होने पर क्लेम खारिज हो जाता था. अब नए नियम के तहत पात्र सदस्य स्पेशल केस की श्रेणी में बिना कारण बताए आवेदन कर सकेंगे. इससे प्रक्रिया सरल होगी और कर्मचारियों को अपने फंड तक आसान पहुंच मिलेगी.
किन परिस्थितियों में निकाल सकते हैं पूरा PF?
EPFO के अनुसार कुछ विशेष हालात में 100 फीसदी PF निकासी की अनुमति दी गई है. इनमें कंपनी का 15 दिन से अधिक समय तक लॉकआउट या बंद होना और कर्मचारी का बिना मुआवजे के बेरोजगार होना शामिल है. इसके अलावा यदि कर्मचारी को दो महीने से अधिक समय तक वेतन नहीं मिला है और इसकी वजह हड़ताल नहीं है, तो भी वह पात्र हो सकता है. नौकरी से निकाले जाने, बर्खास्तगी या छंटनी के मामले में यदि कर्मचारी का मामला अदालत में लंबित है, तब भी पूरा PF निकाला जा सकता है. लंबे समय तक कंपनी बंद रहने और बेरोजगारी की स्थिति भी इस श्रेणी में आती है. गंभीर बीमारी या परिवार के इलाज से जुड़े मामलों में भी नियम लागू हो सकते हैं.
सामान्य निकासी पर क्या नियम हैं?
EPFO ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल विशेष परिस्थितियों के लिए है. सामान्य परिस्थितियों में सदस्य अपने EPF खाते में जमा राशि का अधिकतम 75 फीसदी ही निकाल सकेंगे. वहीं स्पेशल केस में पात्रता पूरी होने पर 100 फीसदी निकासी की अनुमति मिलेगी. EPFO का मानना है कि इस बदलाव से कर्मचारियों को आर्थिक संकट के समय अपने बचत फंड का उपयोग करने में अधिक सुविधा और लचीलापन मिलेगा.







