नई दिल्ली। भारतीय सेनाओं के लिए थियेटर कमांड वाले आइडिया को अमलीजामा पहनाने के काम ने थोड़ी रफ्तार पकड़ी है। यूं तो यह आइडिया करीब 6 साल पुराना है, लेकिन अपना कार्यकाल खत्म होते-होते पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने इसका एक ठोस खाका तैयार कर दिया है, जिसे ब्लूप्रिंट बताया जा रहा है। अब रक्षा मंत्रालय और केंद्र सरकार को इसपर निर्णायक फैसला लेना है।
भारतीय सशस्त्र सेना को थियेटर कमांड से जोड़ने की खबरों के बीच साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने एक रिपोर्ट दी है, जिसके अनुसार अभी भारत की तीनों सेनाएं, इंडियन आर्मी , इंडियन एयर फोर्स और इंडियन नेवी जो कुल 17 कमांड में काम करती है, वह ढांचा सिमट कर मात्र तीन थियेटर कमांड के अधीन लाया जाना है।
तीन शहरों में थियेटर कमांड
- रिपोर्ट के अनुसार नॉर्थर्न थियेटर कमांड का हेडक्वार्टर लखनऊ में होगा।
- नॉर्थर्न थियेटर कमांड का पूरा फोकस चीन पर होगा।
- नॉर्थर्न थियेटर कमांड की अगुवाई मुख्य तौर पर आर्मी के हाथों में होगी।
- वेस्टर्न थियेटर कमांड जयपुर से संचालित होगा और इसके पास पाकिस्तान से निपटने की जिम्मेदारी होगी।
- वेस्टर्न कमांड का नेतृत्व एयरफोर्स के हाथों में रहने की संभावना है।
- तीसरा या मैरीटाइम थियेटर कमांड केरल के तिरुवनंतपुरम से काम करेगा।
- मैरीटाइम थियेटर कमांड के पास बंगाल की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के सुरक्षा हितों को संभालने की जिम्मेदारी रहेगी।
- मैरीटाइम थियेटर कमांड की अगुवाई स्वाभाविक तौर पर इंडियन नेवी के पास होगी।
पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत का आइडिया
भारत में तीनों सेनाओं को थियेटर कमांड से जोड़ने का आइडिया औपचारिक तौर पर पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने दिया था।
उन्होंने 6 साल पहले ही इसका एलान कर दिया था।
वे शीर्ष जनरलों, एडमिरलों और एयर चीफ मार्शलों के जरिए सशस्त्र सेनाओं के काम करने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाना चाहते थे और सेनाओं के बीच पूर्ण ऑपरेशनल सिनर्जी चाहते थे।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से बढ़ गई जरूरत
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस तरह से चीन की ओर से पाकिस्तान की सक्रिय मदद की बातें सामने आई हैं, उसके बाद से थियेटर कमांड की जरूरत काफी बढ़ गई हैं।
हालांकि, पूर्व सीडीएस अनिल चौहान की पहल पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सैन्य थियेटर की तर्ज पर ही तीनों सेनाओं में तालमेल बिठाने की कोशिशें भी हुईं और उसमें सफलता भी मिली।
चीन-पाकिस्तान का इकट्ठे करना है सामना
एक डिफेंस थिंक टैंक यूनाइटेड सर्विस इंस्टिट्यूशन ऑफ इंडिया के एक रिसर्चर गौरव कुमार ने एससीएमपी से कहा, ‘भारत में चिंता अभी ये है कि मिलिट्री के पास एक बार में एक ही चुनौती से निपटने जैसी सुविधा अब न रह जाए। पहले चीन और पाकिस्तान को मोटे तौर पर भिन्न सुरक्षा समस्या की तौर पर देखा जाता था।’
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी गई ब्लूप्रिंट
- इससे पहले एचटी ने रिपोर्ट दी थी कि पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कार्यकाल की समाप्ति से पहले थियेटर कमांड का एक पुख्ता ब्लूप्रिंट रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपा है।
- इस ब्लूप्रिंट में थियेटर कमांड का स्ट्रक्चर, ह्यूमैन रिसोर्सेज, सिनर्जी मेकेनिज्म और एसओपी की जानकारी दी है।
- इसपर रक्षा मंत्री पहले रक्षा सचिव से चर्चा करगें, फिर नए सीडीएस जनरल आर.सुब्रमण्यन अपनी ओर से प्रेजेंटेशन देंगे।
- इसके बाद फाइनल ड्राफ्ट कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी को भेजा जाएगा और उसके माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचेगा।






