नई दिल्ली। कई बार हम पुराना सेविंग्स अकाउंट, एफडी (FD) या आरडी (RD) खोलकर भूल जाते हैं और अकाउंट डॉर्मेंट हो जाता है. कई बार परिवार के किसी सदस्य की मौत के बाद हमें उनके पुराने बैंक खातों के बारे में पता चलता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो आपके लिए अच्छी खबर है. बैंक खाता सालों से बंद होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह पैसा बैंक या सरकार का हो गया. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, उस पैसे पर हमेशा आपका या आपके वारिस का ही हक रहेगा.
अगर किसी खाते में 2 साल तक कोई ट्रांजैक्शन न हो, तो वह इनऑपरेटिव हो जाता है. अगर खाते में 10 साल तक कोई हलचल न हो, तो बैंक उस पैसे को आरबीआई के एक खास फंड ‘डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड’ (DEAF) में ट्रांसफर कर देता है. पैसे आरबीआई के पास जाने के बाद भी सुरक्षित रहते हैं. इसे क्लेम करने की कोई आखिरी तारीख नहीं होती. आप जब चाहें अपना पैसा वापस मांग सकते हैं.
UDGAM पोर्टल पर एक क्लिक में ढूंढें अपना पैसा
अलग-अलग बैंकों में फंसे पैसे को आसानी से ढूंढने के लिए आरबीआई ने UDGAM नाम का एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है. इस पोर्टल पर देश के करीब 30 बड़े बैंक जुड़े हैं. आप अपनी पर्सनल डिटेल जैसे पैन कार्ड, नाम आदि डालकर यह चेक कर सकते हैं कि किसी बैंक में आपका कोई पुराना पैसा तो नहीं छूटा है. यह पोर्टल सिर्फ पैसे ढूंढने में मदद करता है, पैसा चुकाने का काम असली बैंक ही करेगा.
पैसा वापस पाने का तरीका
- सबसे पहले खुद या UDGAM पोर्टल की मदद से पता करें कि पैसा किस बैंक और ब्रांच में है.
- उस बैंक की ब्रांच में जाएं और खाता दोबारा चालू करने या पैसे क्लेम करने का फॉर्म भरें.
- आपको अपना आईडी प्रूफ (आधार, पैन कार्ड), एड्रेस प्रूफ और अकाउंट की जानकारी देनी होगी.
- अगर खाताधारक की मौत हो चुकी है: तो उनके कानूनी वारिस या नॉमिनी को डेथ सर्टिफिकेट और दूसरे जरूरी कानूनी कागज जमा करने होंगे.
- बैंक आपके दस्तावेजों की जांच करेगा और आपका पूरा पैसा आपको वापस लौटा देगा.







