नई दिल्ली। पेट खराब हो तो पूरा शरीर थका हुआ और बीमार सा लगता है। बीमारियों से दूर रहने के लिए डाइजेशन का सही रहना जरूरी है। लेकिन लोग इसे सही रखने पर फोकस नहीं करते। नतीजा कभी पेट दर्द, कभी कब्ज,एसिडिटी, सीने में जलन और ब्लोटिंग जैसी समस्या परेशान करती है। जिससे निपटने के लिए ज्यादातर लोग गोलियों पर निर्भर रहते हैं। जबकि पाचन ऐसी चीज है जो पूरी तरह से आपके खानपान और आदतों पर टिकी है।
गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर जोसेफ ने शेयर किया है कि अपनी डाइजेस्टिव हेल्थ सुधारनी है तो 3 काम जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ये आपके पाचन सिस्टम को बिगाड़ देती है। सबसे खास बात कि डॉक्टर की बताई ये बातें रिसर्च अप्रूव हैं और स्टडी कहती हैं कि इन चीजों से पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचता है।
स्टूल सॉफ्ट करने वाली दवा
द स्टमक डॉक नाम के इंस्टाग्राम पेज पर गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर जोसेफ ने शेयर किया है कि Colace नाम की दवा जो कि लैक्सेटिवल डॉक्यूसेट सोडियम है, स्टूल को सॉफ्ट करने का काम करती है। स्टडी के बताती है कि प्लेसिबो से बेहतर नहीं है। अमेरिकन जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट में पब्लिश स्टडी के मुताबिक डॉक्यूसेट आपके लैट्रिन को सॉफ्ट करता है ये केवल एक गलतफहमी है, क्लीनिकल ट्रायल में पाया गया कि ये प्लेसिबो से ज्यादा बेहतर नहीं है। मरीज कई दूसरे स्टूल सॉफ्टनिंग थेरेपी से भी आराम पा सकते हैं।
कब्ज को सही करना है और स्टूल सॉफ्ट करना है तो दूसरे सप्लीमेंट्स का यूज करना बेहतर है जैसे ईसबगोल की भूसी, जो फाइबर इनटेक को पूरा करती है, साथ ही फिजिकल एक्टीविटी बढ़ाना जरूरी है और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। वहीं कब्ज दूर रखने वाले फ्रूट जैसे कीवी को रोजाना खाना चाहिए।
दवाएं, जो बिगाड़ देंगी डाइजेशन
आपके डाइजेशन सिस्टम को बिगाड़ने में कुछ दवाओं का भी योगदान होता है, जैसे Ibuprofen and Naproxen। लगातार लंबे टाइम तक इन दवाओं को खाने से नुकसान होता है। गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट ने बताया कि उन्होंने कई अल्सर ब्लीडिंग के केस ट्रीट किए हैं क्योंकि ये दवाएं ब्लड थिनर का काम करती है और काफी सारे लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है। क्लीनिकल मेडिसिन में पब्लिश स्टडी के मुताबिक नॉन स्टेरॉएड एंटी इंफ्लेमेटरी दवाएं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग, पेप्टिक अल्सर जैसी बीमारियों का कारण हो सकती है।
गले में निगलने की समस्या
अगर किसी को खाना निगलने में दिक्कत हो रही तो इस समस्या को बिल्कुल भी इग्नोर ना करें। फौरन अपर एंडोस्कोपी टेस्ट करवाएं और पता करें कि आखिर इस समस्या का कारण क्या है।







