नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से फोन पर लंबी बातचीत की है. ये बातचीत तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले की गई है. अमेरिका की 250वें सालगिराह के मौके पर हुई इस बातचीत में ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने के लिए मदद की बात की है. लेकिन इस पुतिन ने सीधा जवाब दे दिया है.
करीब डेढ़ घंटे तक की बात
क्रेमलिन ने बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को व्लादिमीर पुतिन से करीब 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे तक बात की. इस बातचीत को काफी सकारात्मक और बिजनेस जैसी व्यावहारिक माना जा रहा है. ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका इस संकट का जल्द से जल्द समाधान निकालने के लिए तैयार है. वो लड़ाई रोकने के लिए काम कर रहा है.
आगे बढ़ रही है रूसी सेना
बातचीत के दौरान पुतिन ने ट्रंप को युद्ध के मैदान का हाल बताते हुए दावा किया कि रूसी सेना लगातार आगे बढ़ रही है. नए इलाकों पर कब्जा कर रही है. रूस ने यह भी कहा कि वह कूटनीतिक समाधान तो चाहता है, लेकिन अपनी शर्तों पर.
इस बातचीत के दौरान रूस ने यूक्रेन के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कोंस्टेंटिनिव्का शहर पर कब्जे की बात कही गई थी. रणनीतिक रूप से ये शहर काफी अहम माना जाता है. रूस का कहना है कि उसने इस शहर को अपने कंट्रोल में ले लिया है, जबकि यूक्रेन का दावा है कि शहर अब भी उसके पास है.
रूस की शर्त को ठुकरा चुका है यूक्रेन
रूस की शर्त है कि युद्ध खत्म करने के लिए उसे पूरे डोनबास क्षेत्र पर कंट्रोल चाहिए, जिसे यूक्रेन लगातार ठुकरा रहा है. ट्रंप ने पुतिन को बताया कि उनके दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस डील के लिए काम जारी रखेंगे. वे दोबारा मॉस्को का दौरा भी कर सकते हैं. पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को आने का न्योता भी याद दिलाया.
पुतिन से बात करने के बाद ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से भी फोन पर चर्चा की. जेलेंस्की ने इस बातचीत को बहुत अच्छा बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने ट्रंप के साथ 1200 किलोमीटर लंबी फ्रंट लाइन की स्थिति पर बात की है.
नाटो सम्मेलन में भी होगी चर्चा
जेलेंस्की का मानना है कि इस युद्ध को खत्म करने की संभावना है. इसमें अमेरिका का दृढ़ संकल्प सबसे अहम भूमिका निभाएगा. ट्रंप और जेलेंस्की इस बात पर सहमत हुए हैं कि वे अगले हफ्ते तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान इस चर्चा को आगे बढ़ाएंगे, जहां दुनिया के 32 देशों के नेता जुट रहे हैं.







