नई दिल्ली। देश इस साल अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है. स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं और इसी बीच रक्षा मंत्रालय ने कार्यक्रम से जुड़ी एक अहम जानकारी साझा की है. मंत्रालय के मुताबिक, इस बार लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा. यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस समारोह के कार्यक्रम का हिस्सा होगा और इसे इस साल के समारोह में एक खास बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.
हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं. इसके बाद स्वतंत्रता दिवस समारोह में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. लेकिन इस बार समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को भी विशेष स्थान दिया गया है. रक्षा मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के तौर पर लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा.
स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है ‘वंदे मातरम’
‘वंदे मातरम्’ का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में खास स्थान रहा है. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना यह गीत आजादी की लड़ाई के दौर में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन गया था. स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसके गायन ने लोगों में देश के प्रति एकजुटता और स्वाधीनता की भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी. यही वजह है कि आज भी ‘वंदे मातरम्’ का नाम देश के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है.
15 अगस्त के समारोह पर रहेगी नजर
इस साल का स्वतंत्रता दिवस इसलिए भी खास है क्योंकि देश आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है. लाल किले से होने वाले मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री का संबोधन, ध्वजारोहण और अन्य पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का गायन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा. रक्षा मंत्रालय की घोषणा के बाद अब लोगों की नजर 15 अगस्त के उस ऐतिहासिक समारोह पर है, जब लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई देगी.







