नई दिल्ली। सावन मास के चौथे और अंतिम सोमवार को झण्डेवाला देवी मंदिर में शिवभक्ति का उत्साह चरम पर रहा। सुबह से ही शिवालय में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक और पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर मंदिर परिसर स्थित ऊपरी एवं नीचे प्राचीन गुफा वाले शिवालय में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और प्रसाद अर्पित किया। मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

प्राचीन गुफा वाले शिवालय में केवल उन्हीं श्रद्धालुओं द्वारा रुद्राभिषेक कराया गया, जिन्होंने पूर्व में इसकी बुकिंग करवाई थी। वहीं, ऊपरी नवीन शिवालय में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक भगवान शिव के शिवलिंग पर दूध एवं पवित्र जल अर्पित किया। जलाभिषेक का यह क्रम पूरे दिन निरंतर चलता रहा।
सावन मास के प्रथम सोमवार से लेकर अंतिम सोमवार तक प्रत्येक सोमवार को प्राचीन गुफा वाले शिवालय में पाँच बार विधिवत रुद्राभिषेक कराया जाता है। इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालु बड़ी आस्था एवं उत्साह के साथ सम्मिलित होते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है और सावन मास में सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की श्रद्धा से प्रसन्न होकर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं तथा सुख, शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
आज दिनभर श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन एवं जलाभिषेक की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मंदिर के सेवादार एवं स्वयंसेवक पूरी तत्परता के साथ उपस्थित रहे तथा भक्तों को आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान करते रहे।
दर्शन एवं जलाभिषेक के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के निकासी द्वार खीर प्रसाद का वितरण किया गया I श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर माता रानी एवं भगवान् शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया I







