नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मुख्यमंत्री के जनसेवा सदन में आयोजित जन-सुनवाई के दौरान दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं. लोगों से सीधे बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच करने तथा उनका त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
जनसुनवाई में शिक्षा, लंबित पुरस्कार राशि, जलभराव, सीवर, विद्युत सुरक्षा, सफाई, अवैध निर्माण और अवैध कनेक्शन सहित कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे गए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि खासतौर पर विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और लंबे समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का दरवाजा जनता के लिए हमेशा खुला रहना चाहिए.
उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी समस्याएं लेकर सीधे सरकार तक पहुंचें, उनकी बात संवेदनशीलता से सुनी जाए और समाधान के लिए उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, यही दिल्ली सरकार की कार्यसंस्कृति है.
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान कुछ लोगों ने बताया कि वे पहले भी संबंधित विभागों में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन लंबे समय बाद भी समाधान नहीं हुआ. इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लंबित मामलों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा करने और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य सिर्फ शिकायत सुनना नहीं, बल्कि शिकायत को समाधान तक पहुंचाना है.
महिलाओं में दिखा उत्साह
वहीं, जनसुनवाई में दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर महिलाओं में उत्साह देखने को मिला. एक सितंबर से पात्र महिलाओं को योजना के तहत 2,500 रुपये की पहली किस्त जारी किए जाने पर महिलाओं ने खुशी जताई और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया. जनसुनवाई के दौरान कुछ नागरिक मुख्यमंत्री के लिए अपने हाथों से तैयार किए गए लड्डू गोपाल भी लेकर पहुंचे. उन्होंने मुख्यमंत्री को लड्डू गोपाल भेंट कर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं.







