नई दिल्ली (स्पेशल डेस्क)। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक भवन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी के PG और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के सभी PG-हॉस्टलों का व्यापक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब यह जांच करेगा कि छात्र जिस भवन में रह रहे हैं, वह सुरक्षा मानकों पर कितना खरा उतरता है। आइये इसे विस्तार से एग्जीक्यूटिव एडिटर प्रकाश मेहरा से समझते हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर हादसे में प्रभावित छात्रों के परिजनों से मुलाकात की और घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की स्थिति पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि सभी घायल छात्रों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
सभी PG-हॉस्टलों की होगी जांच
सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार ने नगर निगम को अपने क्षेत्र में आने वाले सभी PG-हॉस्टलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान भवन की सुरक्षा, जरूरी अनुमतियां, फायर सेफ्टी NOC, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट और अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। संबंधित जोन के अधिकारी निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, जबकि वरिष्ठ अधिकारी पूरी कार्रवाई की निगरानी करेंगे।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सत्य निकेतन हादसे के लिए जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हादसे से जुड़े भवन के मालिक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी दी गई है। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल घायलों का बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना है।
जर्जर इमारतों पर भी कार्रवाई
हादसे के आसपास मौजूद जर्जर और खतरनाक भवनों को लेकर भी प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे ढांचों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
इसके अलावा, जब तक इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक वहां किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं करने और श्रमिकों की जान जोखिम में डालने वाली गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
‘मलबा हट सकता है, लेकिन सवाल नहीं हटने चाहिए’: प्रकाश मेहरा
हादसे पर सीएम के निर्देश के बाद लेखक एवं पत्रकार प्रकाश मेहरा ने कहा, “हादसे के बाद जांच के आदेश जरूरी हैं, लेकिन सवाल यह है—पहले क्यों नहीं? पत्रकारिता का काम सिर्फ खबर बताना नहीं, बल्कि जिम्मेदारों से जवाब मांगना भी है। मलबा हट सकता है, सवाल नहीं।
“दिल्ली के सभी पीजी की तत्काल और सख्त जांच होनी चाहिए, खासकर नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस, साउथ एक्सटेंशन, लक्ष्मीनगर और मुखर्जी नगर जैसे इलाकों में। सिर्फ इमारतों की जांच नहीं, बल्कि अवैध निर्माण, सुरक्षा मानकों, क्षमता से अधिक छात्रों को रखने और किराये की मनमानी— हर स्तर पर कार्रवाई होनी चाहिए। अब खानापूर्ति नहीं, जवाबदेही चाहिए। लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि अगला हादसा होने का इंतजार न करना पड़े।”
साफ संदेश: सुरक्षा से समझौता नहीं
सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में छात्र आवासों और PG की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब दिल्ली सरकार की ओर से सभी PG-हॉस्टलों की जांच का आदेश इस बात का संकेत है कि प्रशासन केवल एक हादसे तक सीमित कार्रवाई के बजाय राजधानी में छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करना चाहता है।







