नई दिल्ली: जन्माष्टमी के बाद बाल गोपाल की छठी का उत्सव मनाया जाता है। जिस तरह घर में बच्चे के जन्म के छह दिन बाद छठी मनाने की परंपरा है, उसी तरह भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की भी छठी मनाई जाती है। इस मौके पर प्राचीन श्री झण्डेवाला देवी मंदिर में आज भगवान श्रीकृष्ण की छठी का पावन पर्व पारंपरिक श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में भक्तों का श्रद्धापूर्वक आगमन होता रहा। श्रद्धालुओं ने लड्डू गोपाल जी को झूला झुलाकर अपनी आस्था एवं भक्ति निवेदित की। इस अवसर पर मंदिर की महिला मंडली द्वारा प्रस्तुत मधुर एवं भक्तिमय भजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक एवं भावविभोर बना दिया।
समारोह के दौरान बाल गोपाल जी की आरती विधिवत संपन्न हुई। तत्पश्चात उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को माखन-मिश्री का प्रसाद श्रद्धापूर्वक वितरित किया गया। समूचा मंदिर परिसर भक्तिरस एवं उल्लास से सराबोर रहा तथा श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की।








