नई दिल्ली। यमुना सिटी में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित किया जाएगा। इसके लिए पात्र निवेशकों को ई-ऑक्शन के जरिए भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की सोमवार को 93वीं बोर्ड बैठक हुई। इसमें मास्टर प्लान-2041 के तहत क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग गतिविधियों को गति देने के लिए उत्तर प्रदेश मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क योजना-2024 के अनुरूप पार्क विकसित करने और पात्र निवेशकों को ई-ऑक्शन के जरिए भूखंड आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
विकसित की जाएंगी आधुनिक सुविधाएं
यीडा के मुताबिक, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क में माल के भंडारण, परिवहन और वितरण से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे यमुना सिटी में लॉजिस्टिक्स से जुड़े उद्योग को एकीकृत आधारभूत ढांचा उपलब्ध होगा। साथ ही दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में माल परिवहन की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। आलोक कुमार, यीडा सीईओ आरके सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, राजेश कुमार, मनीष मीणा, ओएसडी शैलेंद्र सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
बसावट बढ़ाने पर जोर
यमुना सिटी में तेजी से औद्योगीकरण के चलते बसावट बढ़ाने पर भी जोर है। इसी बीच शहर में कचरा प्रबंधन की चुनौती से निपटने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इसके अलावा आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की दिशा में कार्य किया जा रहा।
इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित होगी
नोएडा एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में लगभग 8,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा। चीन के यूवी इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तर्ज पर यीडा क्षेत्र में इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित होगी।
यमुना सिटी ने 182 फीसदी अधिक राजस्व प्राप्त किया
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 14 सितंबर 2026 तक यीडा की कुल प्राप्तियां 4222.37 करोड़ रुपये रहीं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 182.35 प्रतिशत अधिक है। औद्योगिक /मिक्स लैंड योजना से 2420.7 करोड़ का राजस्व मिला। इस अवधि में कुल 5,501.71 करोड़ खर्च हुए, जिसमें भूमि अधिग्रहण और ऋण अदायगी पर 4344.34 करोड़ व्यय शामिल है।
कॉर्पस फंड से दुरुस्त होंगी मूलभूत सुविधाएं
यीडा क्षेत्र में यीडा कॉरपस फंड इन्वेस्टमेंट रेगुलेशन 2026-27 तैयार की गई है। इसके तहत वन टाइम लीज रेंट एवं अन्य पात्र गैर-आवर्ती प्राप्तियों को पृथक कॉरपस फंड में रखा जाएगा और निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षित निवेश किया जाएगा। सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज एवं ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, पार्क आदि पर खर्च किया जाएगा।







