नई दिल्ली। भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल ने शुक्रवार को एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया. उनके नेतृत्व में भारत ने पुरुषों की F42-44/61-64 संयुक्त स्पर्धा में तीनों मेडल अपने नाम किए.
दो बार के पैरालंपिक गोल्ड मेडल विजेता और विश्व रिकॉर्डधारी 28 वर्षीय सुमित ने अपने दूसरे प्रयास में 72.46 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड मेडल जीता. वह F64 वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे और बाकी खिलाड़ियों से आगे रहे.
सुमित ने 2023 एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर के तत्कालीन विश्व रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता था. उन्होंने इस साल मई में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए 74.82 मीटर का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था. हालांकि, इस बार वह अपना रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके, लेकिन स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे.
महेंद्र को सिल्वर, संदीप ने जीता ब्रॉन्ज
भारत के महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि संदीप संजय सरगर 64.48 मीटर के प्रयास के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने में सफल रहे.
महेंद्र F42 वर्ग और संदीप F44 वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे. संयुक्त स्पर्धा में दोनों के प्रदर्शन की रैंकिंग का फैसला RAZA पॉइंट्स के आधार पर हुआ. महेंद्र के RAZA पॉइंट्स अधिक होने के कारण उन्हें संदीप से ऊपर स्थान मिला और उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
क्या है संयुक्त स्पर्धा का नियम?
भाला फेंक और चक्का फेंक जैसे फील्ड इवेंट में अधिक खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का मौका देने के लिए F42, F44, F62 और F64 जैसी श्रेणियों को एक संयुक्त स्पर्धा में शामिल किया जाता है. इन वर्गों के खिलाड़ियों की शारीरिक स्थितियों और प्रतिस्पर्धा की परिस्थितियों में अंतर होता है. इसलिए संयुक्त स्पर्धा में रैंकिंग तय करने के लिए RAZA पॉइंट्स जैसी स्कोरिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है.
F42 और F44 वर्ग में निचले अंगों से जुड़ी दिव्यांगता वाले वे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जो दौड़ने या थ्रो करने के लिए कृत्रिम पैर का इस्तेमाल नहीं करते. वहीं, F62 और F64 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिन्हें निचले अंगों से जुड़ी दिव्यांगता होती है और जो खड़े होकर कृत्रिम पैर के साथ स्पर्धा में हिस्सा लेते हैं.







