विकासनगर। बीते बुधवार को हुई अतिवृष्टि से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण कालसी ब्लॉक के आधा दर्जन गांवों में बिजली आपूर्ति ठप पड़ी हुई। छह दिन से बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीणों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके ऊर्जा निगम अधिकारी क्षतिग्रस्त बिजली की लाइनों को ठीक करने के लिए अभी तक गांवों में नहीं पहुंचे हैं। अतिवृष्टि के कारण मसराड़, ललोऊ, गड़ेता, बसाया, हमरोऊ, मथेऊ गांवों की बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। करीब एक दर्जन पोल गिरने के साथ ही बिजली की तारें टूटकर गिर गई। जिससे इन गांवों की आबादी छह दिनों से अंधेरे में हैं।
प्रभावित ग्रामीण अजय चौहान, चतर सिंह, आशीष, बलवीर, श्याम सिंह, शूरवीर सिंह, संजय, प्रताप सिंह, भूपाल सिंह, रमेश ने बताया कि गांवों में बिजली नहीं होने से दिनचर्या प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के घरों में रखे बिजली की उपकरण ठप पड़ चुके हैं। मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए भी उन्हें साहिया बाजार जाना पड़ रहा है। बताया कि बिजली गुल होते ही अधिकांश ग्रामीण समाज की मुख्यधारा से ही कट चुके हैं। उन्हें देश दुनिया की घटनाओं की जानकारी तक नहीं मिल रही हैं। बिजली के अभाव में ग्रामीण लाल किले पर मनाए गए स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव को भी अपने टीवी सेट में नहीं देख पाए।
बाजार में मिट्टी का तेल मिलना बंद हो चुका है, ऐसे में रात केंडिल की लौ में गुजारनी पड़ रही है। प्रभावित ग्रामीणों ने जल्द सभी गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उधर, ऊर्जा निगम के एसडीओ अशोक कुमार ने बताया कि सड़कें अवरुद्ध होने से बिजली के पोल लगाने और तारों को खींचने के लिए मशीन ले जाना संभव नहीं हो रहा था। अब सड़क मार्ग खुल गए हैं, जल्द ही क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत कर दी जाएगी।





