नई दिल्ली: आईसीसी की ताजा टी20 रैंकिंग में एक ऐसा अजीबोगरीब फेरबदल देखने को मिला है, जिसने क्रिकेट जगत और फैंस दोनों को हैरान कर दिया है. टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन पहली बार दुनिया के नंबर 1 टी20 बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने लंबे समय से नंबर 1 पर काबिज अपने ही साथी खिलाड़ी अभिषेक शर्मा को गद्दी से उतार दिया है.
ईशान ने करियर की सर्वश्रेष्ठ 876 रेटिंग हासिल की है. यह तब हुआ, जब किशन आयरलैंड के खिलाफ 2 मैचों में सिर्फ 13 रन बना पाए थे, जबकि अभिषेक ने पहले मैच में 20 गेंदों पर ताबड़तोड़ 49 रन ठोके थे. यही वजह है कि फैंस आईसीसी रैंकिंग की पॉइंट्स गणना प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं कि यह कैसा गणित है?
क्यों हैरान हैं फैंस?
आयरलैंड के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई दो मैचों की टी20 सीरीज के ठीक पहले और बाद के आंकड़े देखें, तो किसी का भी सिर चकरा जाए.
सीरीज से पहले अभिषेक के पास 875 रेटिंग पॉइंट्स थे. उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 2 मैचों में 49 रन बनाए, जिसके बाद उनके रेटिंग पॉइंट्स घटकर 869 हो गए, जबकि किशन के सीरीज से पहले 871 रेटिंग पॉइंट्स थे. सीरीज में उन्होंने सिर्फ 13 रन किए और नई रैंकिंग में वे 876 रेटिंग पॉइंट्स के साथ नंबर 1 पर काबिज हो गए.
अभिषेक शर्मा ने पूरी सीरीज में ईशान किशन से 36 रन ज्यादा बनाए. इसके बावजूद अभिषेक को 6 अंकों का नुकसान हुआ और वे नंबर 1 की कुर्सी से नीचे आ गए, जबकि उनसे बेहद कम रन बनाने के बाद भी ईशान किशन 5 पॉइंट्स हासिल कर दुनिया के नए किंग बन गए.
आखिर कैसे नंबर 1 बन गए ईशान किशन?
फैंस के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि ज्यादा रन बनाने वाला खिलाड़ी पॉइंट्स गंवा रहा है और फ्लॉप रहने वाला खिलाड़ी नंबर 1 बन रहा है. दरअसल, इसका जवाब अभिषेक शर्मा का ‘डक’ (0 पर आउट होना) और आईसीसी का ‘डिक्रीमेंटल मैच प्रेशर’ सिस्टम है, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा टीम पर धीरे-धीरे बनाए गए प्रेशर को इंडिकेट करता है.
आप ऐसे समझिए कि अभिषेक ने आयरलैंड के खिलाफ पहले मैच में 20 गेंदों में 49 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी, जिससे उनके पॉइंट्स बढ़े थे, लेकिन दूसरे टी20 में वह पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले (Golden Duck) आउट हो गए. आईसीसी रैंकिंग में शून्य पर आउट होने का भारी नुकसान (Penalty) उठाना पड़ता है, जिसने उनकी पहली पारी की बढ़त को पूरी तरह धो दिया. यही वजह है कि नई रैंकिंग में उनके पॉइंट्स कम हुए हैं.
दूसरी तरफ, ईशान किशन भले ही इस सीरीज में (1 और 12 रन) फ्लॉप रहे, लेकिन हाल ही में समाप्त हुए टी20 विश्व कप में उनका प्रदर्शन लाजवाब था, जहां उन्होंने लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 317 रन कूटे थे. आईसीसी का एल्गोरिदम पिछली बड़ी सीरीज के ‘कैरी-ओवर’ प्रभाव और मैच की परिस्थितियों के आधार पर रेटिंग तय करता है. इसी का फायदा ईशान को मिल गया, क्योंकि उन्होंने पिछले कुछ मैचों में पॉजिटिव इम्पैक्ट छोड़ा था. ईशान ने बड़ी पारियों के बूते अपनी गिरावट को रोक लिया, जबकि अभिषेक के खाते में आए 6 ‘डक’ उनके लिए विलेन साबित हुए.
ईशान किशन ने कैसे पलट दिया गेम
भले ही रैंकिंग के इस उलटफेर ने बहस छेड़ दी हो, लेकिन ईशान किशन की इस बादशाहत को कमतर नहीं आंका जा सकता. उन्होंने यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है.
जनवरी 2026 में करीब 3 साल बाद टी20 इंटरनेशनल में वापसी करने वाले इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने लगभग 200 के तूफानी स्ट्राइक रेट और 36.33 की औसत से 545 रन बनाए हैं, जिसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ एक आतिशी शतक (103 रन) और टी20 विश्व कप फाइनल में पाकिस्तान व नामीबिया के खिलाफ मैच जिताऊ पारियां शामिल हैं.
इस धाकड़ प्रदर्शन के दम पर ईशान किशन अब विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव जैसे दिग्गजों के एलीट क्लब में शामिल हो गए हैं, जो आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचे हैं. हालांकि, अभिषेक शर्मा महज 7 रेटिंग पॉइंट्स से पीछे हैं, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में नंबर 1 की यह जंग और भी दिलचस्प होने वाली है.







