प्रकाश मेहरा
एग्जीक्यूटिव एडिटर
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के 2025 चुनावों के परिणाम आज (19 सितंबर) घोषित हो चुके हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार प्रमुख पदों में से तीन पर कब्जा जमाया है, जबकि नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) को सिर्फ उपाध्यक्ष पद ही मिल सका। ABVP के उम्मीदवार आर्यन मान ने अध्यक्ष पद पर शानदार जीत हासिल की है। यह चुनाव छात्र राजनीति का एक बड़ा मुकाबला था, जिसमें ABVP, NSUI और लेफ्ट गठबंधन (SFI-AISA) मुख्य दलों के रूप में मैदान में रहे।
दो चरणों में हुए मतदान !
18 सितंबर को दो चरणों में हुआ – सुबह 8:30 से दोपहर 1 बजे तक दिवसीय छात्रों के लिए और शाम 3 से रात 7:30 बजे तक सांध्यकालीन छात्रों के लिए। कुल 1.53 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 60,272 ने वोट डाले, यानी मतदान प्रतिशत 39.36% रहा। यह पिछले साल (35.2%) से थोड़ा अधिक है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में 17-18 दौर में वोटों की गिनती हुई। मतदान के दौरान NSUI ने EVM में छेड़छाड़ के आरोप लगाए, खासकर हंसराज और किरोड़ी मल कॉलेज में। ABVP ने इसे NSUI की हार की नाराजगी बताया। दिल्ली पुलिस ने 600 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए थे।
पदवार विजेता और वोट मार्जिन
नीचे टेबल में सभी पदों के विजेता, उनके वोट और मुख्य प्रतिद्वंद्वी की जानकारी दी गई है।
ABVP की कुल जीत अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव – कुल 3 पद। NSUI की जीत सिर्फ उपाध्यक्ष पद। लेफ्ट गठबंधन (SFI-AISA) के उम्मीदवार उमांशी लांबा को अध्यक्ष पद पर 5,522 वोट मिले, लेकिन वे तीसरे स्थान पर रहीं।
उम्मीदवारों के बारे में
आर्यन मान (ABVP, अध्यक्ष) हरियाणा के बहादुरगढ़ से हैं। हंसराज कॉलेज के पूर्व छात्र और वर्तमान में एमए लाइब्रेरी साइंस के छात्र। उनका मुख्य एजेंडा था – सब्सिडाइज्ड मेट्रो पास, फ्री वाई-फाई, बेहतर स्पोर्ट्स सुविधाएं और DU को ग्लोबल संस्थान बनाने का विजन। वे ABVP के मजबूत कैंपेनिंग से जीते।
राहुल झांसला (NSUI, उपाध्यक्ष) NSUI के मजबूत प्रदर्शन का चेहरा। अगर वे अध्यक्ष पद पर होते, तो शायद जीत जाते (उन्हें आर्यन से ज्यादा वोट मिले)। उनका फोकस कैंपस सेफ्टी और छात्र सुविधाओं पर था।
NSUI की जोस्लिन नंदिता चौधरी (बौद्ध अध्ययन की पोस्टग्रेजुएट) अध्यक्ष पद पर लड़ीं, लेकिन हार गईं। ABVP के कुणाल और दीपिका ने भी मजबूत प्रदर्शन किया।
“मोदी-भाजपा की जीत”: ABVP समर्थक
पिछले साल (2024) NSUI ने अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद जीते थे, जबकि ABVP को उपाध्यक्ष और सचिव मिले थे। इस बार ABVP ने वापसी की है, जो छात्रों में उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट्स से साफ है कि ABVP समर्थक इसे “मोदी-भाजपा की जीत” बता रहे हैं, जबकि NSUI ने EVM पर सवाल उठाए। यह चुनाव DU के 80+ कॉलेजों में छात्रों के मुद्दों (हॉस्टल, सुरक्षा, फीस) पर केंद्रित था।







