नई दिल्ली: ड्राइविंग लाइसेंस एक ऑफिशियल डॉक्यूमेंट होता है, जो किसी व्यक्ति को वाहन चलाने की कानूनी अनुमति देता है.किसी भी तरह का व्हीकल चलाने के लिए DL जरूरी होता है. मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस की एक वेलिडिटी होती है. इसके बाद उसे रिन्यू करवाना पड़ता है. रिन्यू न कराने पर जुर्माना भी देना पड़ता है.
आइए जानते हैं कैसे बनता है ड्राइविंग लाइसेंस? कौन से डॉक्युमेंट की जरूरत पड़ती है? लर्निंग लाइसेंस किसे कहते हैं और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है? DL एक्सपायर होने के कितने दिनों बाद चालान नहीं कटता? लाइसेंस रिन्यू कराने का ऑनलाइन प्रोसेस क्या है:-
DL क्या होता है?
ड्राइविंग लाइसेंस एक कानूनी दस्तावेज है, जो यह साबित करता है कि आपके पास गाड़ी चलाने का अधिकार है. ये रिजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी(RTA) या रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस(RTO) की ओर से जारी किया जाता है. ड्राइविंग लाइसेंस में इसके होल्डर की फोटो, डिटेल और एक यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर (URN) होता है.
कितने तरह के होते हैं लाइसेंस?
भारत में ड्राइविंग लाइसेंस 3 तरह के होते हैं:-
- लर्निंग लाइसेंस: यह एक अस्थायी लाइसेंस है, जो आपको गाड़ी चलाना सीखने की परमिशन देता है.
- परमानेंट लाइसेंस: यह स्थायी लाइसेंस है, जो आपको सड़क पर गाड़ी चलाने की परमिशन देता है.
- कमर्शियल लाइसेंस: यह उन लोगों के लिए है, जो व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए गाड़ी चलाते हैं.







