नई दिल्ली। WhatsApp पर आए दिन ठगी के नए-नए तरीके सामने आते रहते हैं। कभी बैंक अकाउंट बंद होने का डर दिखाया जाता है, तो कभी इनाम, नौकरी या निवेश के नाम पर लोगों को फंसाने की कोशिश होती है। ऐसे में Meta ने यूजर्स को इन फ्रॉड मैसेज से बचाने के लिए एक नया फीचर टेस्ट करना शुरू किया है। इसका नाम Scam Alert है। खास बात यह है कि यह फीचर संदिग्ध मैसेज की पहचान करने के लिए आपकी प्राइवेट चैट को WhatsApp या Meta के सर्वर पर भेजने के बजाय फोन में ही AI मॉडल का इस्तेमाल करता है। यानी Scam की पहचान डिवाइस पर ही करने की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल Scam Alert को सीमित Beta टेस्ट में आजमाया जा रहा है। फीचर को यूजर की मर्जी से चालू किया जा सकेगा। अगर AI को किसी अनजान व्यक्ति के साथ बातचीत में Scam जैसे पैटर्न दिखाई देते हैं, तो WhatsApp यूजर को Warning दिखाएगा। इसके बाद यूजर उस व्यक्ति को Block, Report या बातचीत जारी रखने का फैसला कर सकेगा।
WhatsApp ला रहा Scam Alert फीचर
WhatsApp ने Scam Alert नाम के नए सिक्योरिटी फीचर की टेस्टिंग शुरू की है। कंपनी का मकसद ऐसे मैसेज और बातचीत को पहचानना है जिनमें ठगी के संकेत दिखाई देते हैं। यह फीचर अभी सीमित Beta यूजर्स के लिए उपलब्ध है और फिलहाल इसकी व्यापक रिलीज की तारीख नहीं बताई गई है।
बिना चैट पढ़े कैसे पकड़ेगा Scam
इस फीचर की सबसे खास बात यही है कि WhatsApp का कहना है कि Scam की पहचान On-Device Machine Learning Model से होगी। यानी इसके लिए मैसेज का कंटेंट Meta के सर्वर पर भेजने की जरूरत नहीं होगी। यूजर जब Scam Alert को चालू करेगा, तब WhatsApp एक छोटा Machine Learning Model फोन में डाउनलोड करेगा। यह मॉडल खासतौर पर उन लोगों से आने वाले मैसेज को देखेगा जो यूजर की Contact List में सेव नहीं हैं और बातचीत में Scam से जुड़े पैटर्न तलाशेगा।
संदिग्ध मैसेज पर मिलेगा Warning Alert
अगर WhatsApp का AI किसी बातचीत को संभावित Scam मानता है तो यूजर को चैट के अंदर एक Warning दिखाई जाएगी। यह अलर्ट सिर्फ उस यूजर को दिखाई देगा जिसे मैसेज मिला है। सामने वाले व्यक्ति को इस Warning की जानकारी नहीं होगी। इसके बाद यूजर के पास कुछ ऑप्शन होंगे। वह संदिग्ध व्यक्ति को Block कर सकता है, अकाउंट को Report कर सकता है या Warning को नजरअंदाज करके बातचीत जारी रख सकता है।
गलती से Scam Alert आए तो क्या होगा?
AI से चलने वाले किसी भी सिस्टम में गलत अलर्ट की संभावना हो सकती है। WhatsApp ने इसके लिए भी यूजर को कंट्रोल देने की व्यवस्था की है। अगर किसी भरोसेमंद व्यक्ति की चैट को गलती से संदिग्ध मान लिया जाता है, तो यूजर उसे Trusted के तौर पर मार्क कर सकता है। ऐसा करने के बाद उस बातचीत के लिए Scam Alert दोबारा चेतावनी नहीं देगा।







