अर्जुन सिंह
वाराणसी। इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के क्षेत्रीय केन्द्र, वाराणसी द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन एवं विचारों पर आधारित पुस्तक ‘समर्पण’ पर ‘पुस्तक परिचर्चा एवं संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान-परम्परा के विद्वान एवं सामाजिक चिंतक विद्या प्रसाद मिश्र मुख्य अतिथि तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य रामाशीष सिंह अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
पुस्तक के लेखक चन्दन कुमार ने कार्यक्रम में सूत्रधार की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। क्षेत्रीय केन्द्र के निदेशक डॉ. अभिजित दीक्षित ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की विषयवस्तु पर प्रकाश डाला। पुस्तक लोकार्पण के पश्चात मुख्य अतिथि विद्या प्रसाद मिश्र ने कहा कि ‘समर्पण’ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन, चिंतन और राष्ट्र समर्पण की भावना को समग्रता से प्रस्तुत करती है। उन्होंने इसे लेखक के सतत परिश्रम का परिणाम बताते हुए दीनदयाल जी के एकात्म मानववाद और उनके शिवत्व की यात्रा को विशेष रूप से रेखांकित किया।
अध्यक्षीय संबोधन में रामाशीष सिंह ने कहा कि जब आदर्श व्यवहार में उतरता है, तब दीनदयाल जैसे व्यक्तित्व का निर्माण होता है। उन्होंने राष्ट्र के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता को दीनदयाल जी के जीवन का मूल संदेश बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रजनीकांत त्रिपाठी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन नागपुर से आए स्वप्निल पाटिल ने किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए विद्वानों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा काशी के अनेक समाजसेवियों और कला-प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।







