Upgrade
पहल टाइम्स
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन
No Result
View All Result
पहल टाइम्स
No Result
View All Result
  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • ईमैगजीन
Home दिल्ली

हर शादी पर पर्यावरण बचाने का अभियान : मैती आंदोलन

पहल टाइम्स डेस्क by पहल टाइम्स डेस्क
November 25, 2022
in दिल्ली, विशेष
A A
marriage
30
SHARES
987
VIEWS
Share on FacebookShare on Whatsapp

अर्जुन सिंह l शादी के अवसर पर दुल्हा और दुल्हन द्वारा एक वृक्ष लगाकर केवल शादी को ही यादगार नहीं बनाते, बल्कि धरती के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में योगदान भी देते है। 1995 में मैती नाम से यह आंदोलन उत्तराखंड से शुरू हुआ जो आज देश के कई राज्यों के साथ साथ विदेश तक जा पहुंचा। जिसके द्वारा अबतक करीब पांच लाख शादियों में इससे भी अधिक वृक्ष लगाए गए है।

उत्तराखंड में मैती का अर्थ होता है, लड़की का मायका। मैती आन्दोलन गाँव कस्बे की जागरुक लड़कियाँ आपसी सहयोग से मैती ग्राम गंगा समिति का गठन करती हैं। जब भी किसी बेटी की शादी तय होती है, तो मैती ग्राम गंगा समिति कोई फलदार पौंध, विवाह पर नव दम्पति द्वारा घर या गांव की उपलब्ध जमीन पर लगवाती हैं। जिनकी बेटियाँ इन पौधों को अपनी शादी की यादगार में लगाकर अपने ससुराल चली गई हैं। उनकी ममता अपनी बेटी की इस निशानी को कभी नहीं सूखने देती है। जो शादी की यादगार के साथ पर्यावरण के लिए समृद्धि का कारक भी बनता है।

इन्हें भी पढ़े

Shivraj singh

भारत-अमेरिका ट्रेड डील भारतीय अर्थव्यवस्था को देगी नई ऊंचाइयां और गति : शिवराज सिंह

February 8, 2026
rekha gupta

इन कर्मचारियों को CM रेखा ने दी बड़ी सौगात, दूर होगी वेतन और पेंशन की टेंशन

February 8, 2026
IES

इंडिया एनर्जी स्टैक (IES) टास्कफोर्स ने वर्जन 0.3 स्ट्रेटेजी और आर्किटेक्चर डॉक्यूमेंट्स जारी किए

February 7, 2026
pariksha pe charcha

इंटरनेट सस्ता है, लेकिन समय सबसे कीमती- परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी की छात्रों को सीख

February 6, 2026
Load More

अमूमन शादियों में जूता छुपा कर दुल्हे से पैसे लेने का चलन देखने में आता है। इस कुरीति को बन्द कर शादी के अवसर पर एक पेड़ लगाने की परम्परा मैती द्वारा शुरु की गई हैं। जिसमे दूल्हा लगाये गये पौध की सुरक्षा एवं देखभाल के निमित कुछ सहयोग राशि मैती ग्राम गंगा समिति को देता है। जैसे-जैसे समिति के कोष में भी वृद्धि होती है। इस धनराशि का उपयोग पौधों की देखभाल, गरीब बेटियों की सहायता, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा बच्चों की  शिक्षा में उपयोग किया जाता है।

वही दूसरी ओर ऐसा करने से भविष्य में गाँव की धरती के पानी के स्रोत सूखने से बचेंगे, शुद्ध हवा, ताजे फल सहित जानवरों को चारा उपलब्ध होगा। तो वही नवदम्पति का पहला शिशु जन्म लेगा तो उसके लिए भविष्य में इन सब के साथ साथ पर्याप्त और शुद्ध आक्सीजन भी होगी। इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए शादी के निमंत्रण कार्ड मैती वृक्षारोपण कार्यक्रम छपवाया जाता है।

आपको बतादें कि मैती आन्दोलन का जन्म वर्ष 1995 में उत्तराखण्ड राज्य के जनपद चमोली के सीमान्त कस्बे ग्वालदम से शुरु हुआ। राजकीय इण्टर कालेज के तत्कालीन जीव विज्ञान प्रवक्ता कल्याण सिंह रावत द्वारा मैती आन्दोलन की परिकल्पना की तथा इसे साकार रूप दिया। उन्होंने शुरुवाती दौर में यह गढ़वाल तथा कुमायूँ मण्डल के कई गाँवों में इसे चलाया। लेकिन बाद में इसको काफी लोकप्रियता मिली और यह आन्दोलन देश के कई राज्यों के अलावा विदेशों में भी विस्तार पा गया। आज प्रवासी लोग भी अपने बच्चों की शादियों में पेड़ लगाने की परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं।

आज प्रकृति को संजोना बेहद आवश्यक हो गया है। इसे देखते हुए मैती आंदोलन द्वारा निरंतर अभियान चलाए जा रहे है जिसमे, मैती वन, मैती पितृ वन की स्थापना, पर्यावरण एवं विकास मेलों की स्थापना, ऐतिहासिक सम्मान समारोह, महावृक्ष के सम्मान में वृक्षारोपण, टिहरी झील में डूबते शहर की मिट्टी को संरक्षण कर उस मिट्टी पर वृक्षारोपण, वन्य जीव ज्योति यात्राओं का आयोजन, देवभूमि क्षमा यात्रा, कारगिल शहीदों के नाम पर शोर्य वृक्षारोपण, वन्य जीव संरक्षण शिविरों का आयोजन, नर्सरियों का निर्माण कर निशुल्क पौध वितरण, श्री बद्रीनाथ मन्दिर पर भोज वृक्षों का रोपण, हिमालयी में यात्रियों द्वारा छोड़े गए प्लास्टिक व कूड़े का निस्तारण, रजत जयन्ती पर पौधारोपण, ग्राम देव वृक्ष अभियान सहित मैती सम्मान आदि शामिल है।

इन्हें भी पढ़ें

  • All
  • विशेष
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
दीपक

दीपावली के त्यौहारी मौसम में भारतीय अर्थव्यवस्था को लगे पंख

October 22, 2025
सीमेट

सीमेंट पर संकट: सुलझता नजर नहीं आ रहा विवाद

December 25, 2022
शुक्र ग्रह

चार दिन गायब रहेगा शुक्र, क्या आने वाली है कोई बड़ी मुसीबत?

March 18, 2025
पहल टाइम्स

पहल टाइम्स का संचालन पहल मीडिया ग्रुप्स के द्वारा किया जा रहा है. पहल टाइम्स का प्रयास समाज के लिए उपयोगी खबरों के प्रसार का रहा है. पहल गुप्स के समूह संपादक शूरबीर सिंह नेगी है.

Learn more

पहल टाइम्स कार्यालय

प्रधान संपादकः- शूरवीर सिंह नेगी

9-सी, मोहम्मदपुर, आरके पुरम नई दिल्ली

फोन नं-  +91 11 46678331

मोबाइल- + 91 9910877052

ईमेल- pahaltimes@gmail.com

Categories

  • Uncategorized
  • खाना खजाना
  • खेल
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • दिल्ली
  • धर्म
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • लाइफस्टाइल
  • विशेष
  • विश्व
  • व्यापार
  • साक्षात्कार
  • सामाजिक कार्य
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • सिंधु जल संधि पर ताले के बाद चेनाब पर क्‍या है भारत का प्‍लान?
  • माता वैष्णो देवी के आसपास भी दिखेगा ‘स्वर्ग’, मास्टर प्लान तैयार!
  • ग्रेटर नोएडा में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, 4 गिरफ्तार

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.

  • होम
  • दिल्ली
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • विश्व
  • धर्म
  • व्यापार
  • खेल
  • मनोरंजन
  • गैजेट्स
  • जुर्म
  • लाइफस्टाइल
    • स्वास्थ्य
    • फैशन
    • यात्रा
  • विशेष
    • साक्षात्कार
  • ईमैगजीन

© 2021 पहल टाइम्स - देश-दुनिया की संपूर्ण खबरें सिर्फ यहां.