देहरादून। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के ‘उत्तराखंड को रिमोट कंट्रोल से दिल्ली से चलाए जाने’ के बयान पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पलटवार किया है। धामी का कहना है कि ‘देश के अंदर राहुल गांधी को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। वह कब क्या बोलते हैं, खुद उनको भी पता नहीं होता।’
शुक्रवार को नैनीताल क्लब पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से बातचीत की। अल्मोड़ा की रैली को वर्चुअली संबोधित करते हुए राहुल द्वारा दिए बयान के बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा, जब राहुल राजनीति में नए-नए आए थे तब उनकी पार्टी कांग्रेस उन्हें लॉन्च कर रही थी। ऐसा करते-करते कई साल हो गए, लेकिन राहुल अब तक लॉन्च ही नहीं हो पा रहे हैं।
राहुल गांधी को खुद नहीं पता, क्या बोल देते हैं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देश के सैनिकों के बारे में वह जिस तरीके से बोलते हैं, वैसे उत्तराखंड के लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। वह प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या सरकार का विरोध करें, तो बात समझ में आती है। लेकिन वह सेना का विरोध करने लगे, उसके बाद देश का विरोध करने लगे। मुख्यमंत्री धामी ने सवाल किया कि क्या कोई देश की सेना से सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियान का सबूत मांगता है? क्या कोई सेना के शौर्य, साहस और पराक्रम का सर्टिफिकेट मांगेगा?
मुख्यमंत्री धामी ने आरोप लगाया कि राहुल विदेशों में जाकर भारत का मजाक बनाते हैं, देश का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सपूत रहे देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के बारे में राहुल और उनकी पार्टी ने जिस तरह की अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, उसे कौन भूल सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को लेकर भी वे कई सालों से अनर्गल कहते आ रहे हैं। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशन में उत्तराखंड देश का नंबर एक राज्य बने, उसके लिए हर क्षण काम किया जा रहा है।
प्रकृति की रक्षा के लिए जनशक्ति की जरूरत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दुनिया जलवायु परिवर्तन की बड़ी चुनौती का सामना कर रही है। बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं लगातार सचेत और सावधान हो जाने के लिए चेता रहीं हैं। शुक्रवार को रामलीला मैदान में आयोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि गौरा देवी और कई बहनों ने चिपको आंदोलन के माध्यम से संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा के लिए जनशक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती है। उसी भावना को आज फिर से दोहराने की आवश्यकता है।
जाम का होगा समाधान
धामी ने कहा कि कैंची धाम में जाम से निपटने के लिए बाईपास निर्माण हो रहा है। भवाली वाला बाईपास चालू हो चुका है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का कैंची आना हो रहा है। रानीखेत, कौसानी जाने वाले जो पर्यटक हैं उन्हें और होटल व्यवसायियों को आने वाले समय में कोई परेशानी न हो, उस दिशा में बेहद गंभीरता से काम किया जा रहा है।







